मधेपुरा , फरवरी 19 -- बिहार में मधेपुरा जिले की एक अदालत ने गुरूवार को हत्याकांड के करीब 23 साल पुराने एक मामले में आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

अपर जिला न्यायाधीश (चतुर्थ) धीरेंद्र राय की अदालत ने हत्या के एक मामले में आरोपी शेख मंटू को रिहा करने का आदेश दिया। शेख मंटू उर्फ मो. परवेज करीब ढाई साल से जेल में बंद था। अदालत ने उसे सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।

सूत्रों ने बताया कि यह मामला 26 फरवरी 2003 का है। पुरैनी थाना क्षेत्र के झोटियाही बहियार में मंटुन मेहता एक पोखर से पंपसेट के जरिए पानी निकालकर मछली मार रहा था। इसी दौरान अपराधियों ने मंटुन मेहता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस संबंध में मृतक के भाई पवन कुमार मेहता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस मामले में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। जांच के क्रम में सपरदह वार्ड 07 निवासी शेख मंटू उर्फ मो. परवेज का नाम आया था। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल नौ गवाहों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। हालांकि, दो दशक से अधिक समय बीत जाने और पुख्ता सबूतों की कमी के कारण अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध करने में पूरी तरह विफल रहा। आज अदालत ने उसे सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।

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