बैतूल , दिसंबर 26 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के बहुचर्चित 10 करोड़ रुपये के साइबर ठगी मामले में मुख्य आरोपी ब्रजेश महाजन को जमानत मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज पाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब तलब किया है।
वही एसपी ने उच्च न्यायालय में आरोपी की जमानत निरस्त कराने के लिए अपील करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार ब्रजेश महाजन को 11 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मात्र 11 दिन बाद 22 दिसंबर को उसे जमानत मिल गई। एसपी का मानना है कि जमानत की सुनवाई के दौरान थाना प्रभारी द्वारा आरोपी के कबूलनामे, उपलब्ध साक्ष्यों तथा आगे की विवेचना में सामने आने वाले अहम तथ्यों से न्यायालय को समुचित रूप से अवगत नहीं कराया गया। इसी लापरवाही के चलते आरोपी को जमानत मिल गई, जिसे एसपी ने गंभीर प्रशासनिक चूक माना है।
यह मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र की खेड़ी सांवलीगढ़ शाखा से जुड़े 9 करोड़ 84 लाख रुपये की साइबर ठगी से संबंधित है। प्रारंभिक स्तर पर मामला ठंडा पड़ गया था, लेकिन मीडिया में लगातार खबरें सामने आने के बाद पुलिस ने पुनः सक्रियता दिखाई और आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण को लेकर स्वयं एसपी वीरेंद्र जैन ने तीन बार पत्रकारवार्ता कर जानकारी दी थी।
एसपी ने स्पष्ट किया कि मुख्य आरोपी के माध्यम से अभी कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए जाने शेष थे, ऐसे में उसकी जमानत से जांच प्रभावित हो सकती है। नोटिस जारी होने के बाद जिले के पुलिस विभाग में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
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