अलवर , फरवरी 13 -- ऑनलाइन ठगी के लिए देश दुनिया में बदनाम राजस्थान में अलवर और भरतपुर जिले का मेवात में पुलिस ने तीन वर्ष में करीब दो लाख सिम बंद कराई हैं।
पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने शुक्रवार को बताया कि देश के अलग अलग शहरों से पुलिस बदमाशों को गिरफ्तार करने के लिए राजस्थान पहुंचती है। इसके चलते साइबर ठगी पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए मोबाइल सिम कार्ड और आईएमईआई नंबरों को ब्लॉक करवाने का काम शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि एक जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 5034 आईएमईआई नंबरों को ब्लॉक किया गया जबकि 82 हजार 769 सिम कार्डों को बंद करवाया गया। वर्ष 2023 से अब तक एक लाख 90 हजार 51 सिम एवं आईएमईआई नंबरों को ब्लॉक कराया जा चुका है। इसके तहत अलवर पुलिस ने पूरे देश में सबसे ज्यादा सिम कार्ड आईएमईआई नंबरों को ब्लॉक करवाया है।
श्री चौधरी ने बताया कि आए दिन होने वाली साइबर ठगी की घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों को मिलाकर एक टीम बनाई। यह टीम देश के अलग-अलग राज्यों के शहरों से आए दिन अलवर आने वाले पुलिस दलों को इस क्षेत्र के साइबर ठगों को गिरफ्तार करके सौंपती है। उन्होंने बताया कि ठगी की इस घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन एवं जिन सिम कार्डों से लोगों के साथ ठगी होती है, उन्हें भी बंद करवाने का काम पुलिस द्वारा किया जा रहा है।
श्री चौधरी ने बताया कि ट्रक चालकों की मदद से आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, असम, मेघालय, कर्नाटक जैसे दूर के राज्यों से सिम कार्ड मेवात क्षेत्र में आते हैं और यहां साइबर ठगों को आपूर्ति किए जाते हैं। इसलिए पुलिस ने इन नंबरों को बंद करवाने का फैसला लिया है। इससे साइबर ठगी की घटनाओं में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में सबसे ज्यादा सिम बंद करवाने और आईएमइआई नंबर ब्लॉक करवाने में राजस्थान के अलवर पुलिस पहले स्थान पर है।
पुलिस ने बताया कि 1930 नंबर पर मिलने वाली शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई की जाती है, जिन नंबर से लोगों के पास फोन जाते हैं और नंबर ऑन एवं फोन के आईएमईआई नंबर को तुरंत प्रभाव से ब्लॉक किया जाता है।
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