नयी दिल्ली , मार्च 27 -- केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई निवासी सुनील नेल्लाथु रामकृष्णन उर्फ'कृष' को म्यांमार में साइबर ठगी केंद्रों में भारतीय नागरिकों की तस्करी के मामले के मुख्य सरगना के आरोपमें गिरफ्तार किया है।
लंबी जांच के बाद सुनील को गुरुवार को मुंबई में गिरफ्तार किया गया।
सीबीआई के अनुसार, जांच में संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों का खुलासा हुआ है, जो आकर्षक नौकरी के झांसे में भारतीय नागरिकों को थाईलैंड ले जाते हैं। पीड़ितों को दिल्ली से बैंकॉक भेजकर गुप्त रूप से म्यांमार, विशेषकर म्यावाडी क्षेत्र (केके पार्क) स्थित साइबर ठगी केंद्रों में पहुंचाया जाता है।
एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि इन केंद्रों में पीड़ितों को विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी करने के लिए मजबूर किया जाता है, जिनमें 'डिजिटल अरेस्ट' घोटाले, रोमांस फ्रॉड और क्रिप्टोकरेंसी निवेश योजनाएं शामिल हैं, जिनके जरिए भारत समेत दुनिया भर के लोगों को निशाना बनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि तस्करी के शिकार लोगों को अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा जाता है, उन्हें लगातार डराया-धमकाया जाता है, शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है तथा उनकी आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाये जाते हैं।
सीबीआई ने बताया कि 2025 के दौरान कई भारतीय नागरिक इन ठगी केंद्रों से भागकर थाईलैंड पहुंचे, जहां से उन्हें मार्च और नवंबर 2025 में भारत वापस लाया गया। एजेंसी ने इन पीड़ितों से विस्तृत पूछताछ कर तस्करी नेटवर्क के तौर-तरीकों और साइबर ठगी केंद्रों के संचालन के बारे में जानकारी जुटाई।
प्राप्त खुफिया सूचनाओं के आधार पर सीबीआई ने गहन जांच कर इस नेटवर्क के प्रमुख संचालकों की पहचान की। जांच में सुनील उर्फ 'कृष' इस नेटवर्क का प्रमुख संचालक और तस्करी का मुख्य सूत्रधार सामने आया, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में पीड़ितों की अवैध ढुलाई और शोषण में अहम भूमिका निभा रहा था।
आरोपी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। भारत लौटने के बाद उसे मुंबई में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसके आवास पर तलाशी ली गयी, जहां से म्यांमार और कंबोडिया से जुड़े तस्करी नेटवर्क के महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किये गये।
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