मथुरा , फरवरी 2 -- विश्व वेटलैंड्स दिवस के अवसर पर आगरा-मथुरा सीमा पर स्थित जोधपुर झाल वेटलैंड में पर्यावरण जागरूकता एवं सांस्कृतिक सरोकारों से जुड़ा एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वेटलैंड संरक्षण, जैव विविधता और प्रवासी पक्षियों के महत्व के प्रति आमजन को जागरूक करना रहा। इस दौरान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और वन विभाग के अधिकारियों को बर्ड वॉचिंग कराई गई तथा प्रवासी पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों का अवलोकन कराया गया।
पर्यावरणविद् डॉ. के.पी. सिंह ने फील्ड विजिट के दौरान वेटलैंड की पारिस्थितिकी और प्रवासी पक्षियों के माइग्रेशन में इसकी भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जोधपुर झाल सैकड़ों किलोमीटर दूर से आने वाले पक्षियों के लिए सुरक्षित विश्राम और भोजन स्थल है। कार्यक्रम में जीजीआईसी फरह, ऋषिकुल स्कूल और सूरज गोविंद स्कूल के विद्यार्थियों ने चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रकृति संरक्षण और जल स्रोतों के महत्व को अपनी कलाकृतियों में उकेरा। विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। बीआरडीएस संस्था की ओर से वेटलैंड एवं जैव विविधता विषयक फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई।
मुख्य अतिथि ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि वेटलैंड केवल पर्यावरणीय धरोहर ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का भी अभिन्न हिस्सा हैं। परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूरज पटेल ने संरक्षण प्रयासों की सराहना करते हुए इसे ब्रज क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। डीएफओ वेंकट श्रीकर पटेल ने वेटलैंड के वैधानिक संरक्षण कार्यों में तेजी लाने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय वनाधिकारी अतुल तिवारी ने किया। इस अवसर पर विभिन्न अधिकारी, पर्यावरणविद्, शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित