सहारनपुर , अप्रैल 29 -- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर मंडल के मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने शामली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ज्ञान भारतम् मिशन के सम्यक एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत नगरीय क्षेत्रों में वार्डवार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। मंडलायुक्त ने बताया कि इतिहास, विज्ञान, साहित्य, दर्शन, अध्यात्म आदि की प्राचीन ज्ञान परंपरा से जुड़े कागज, ताड़पत्र, कपड़ा, चर्म, धातु की प्लेट आदि पर लिखे गए न्यूनतम 75 वर्ष पुराने ग्रंथों के डिजिटलीकरण और संरक्षण के उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ज्ञान भारतम् मिशन प्रारंभ किया गया है।

उन्होंने कहा कि पाण्डुलिपियां अतीत और वर्तमान के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु हैं, जिनमें लिखा प्रत्येक अक्षर भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा को संजोए हुए है।

डॉ. रूपेश कुमार ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक को शीर्ष प्राथमिकता पर आयोजित किया जाए। साथ ही मिशन के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी के रूप में मुख्य विकास अधिकारी प्रत्येक 15 दिन में राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान की प्रगति की समीक्षा करें।

उन्होंने बताया कि सर्वेक्षकों के लिए राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण की मार्गदर्शिका ई-बुकलेट तथा ज्ञान भारतम् मिशन मोबाइल एप के उपयोग संबंधी वीडियो क्लिप uparchives.up.nic.in वेबसाइट पर उपलब्ध है। मंडलायुक्त ने यह भी कहा कि यदि सर्वेक्षकों के प्रशिक्षण की आवश्यकता महसूस होती है, तो मुख्य विकास अधिकारी निदेशक, उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार के माध्यम से वर्चुअल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराएंगे।

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