भुवनेश्वर , मार्च 06 -- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सहकारी मॉडल, मत्स्य पालन और डेयरी क्षेत्रों में विस्तार तथा राष्ट्रीय सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए मोदी सरकार और ओडिशा राज्य सरकार दोनों की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

ओडिशा की अपनी एक दिवसीय यात्रा श्री शाह ने विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पहलों की एक शृंखला का उद्घाटन किया और 3275 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

श्री शाह ने सभाओं को संबोधित करते हुए 'विकसित ओडिशा-2036' और 'विकसित भारत-2047' के निर्माण के लक्ष्य पर जोर दिया। शुरू की गयी प्रमुख पहलों में धान के किसानों के लिए 3,100 रुपये का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और महिलाओं के लिए सशक्तीकरण-केंद्रित 'सुभद्रा योजना' शामिल है। उन्होंने राज्य के किसानों, युवाओं, महिलाओं और सभी नागरिकों की समृद्धि को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का उल्लेख किया।

ओडिशा राष्ट्रीय सहकारी नीति के विजन के अनुरूप 'सहकारी नीति 2026' को लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। केंद्रीय मंत्री ने इंडियन पोटाश लिमिटेड के साथ बौध चीनी मिल के पुनरुद्धार का उद्घाटन किया और खोरधा में 30,000 लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले नये दूध प्रसंस्करण संयंत्र की शुरुआत की।

श्री शाह ने कई प्रमुख प्रौद्योगिकी-संचालित प्लेटफॉर्म भी पेश किये। इनमें सहकारी रजिस्ट्रार पोर्टल, नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड का डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) पोर्टल और एक एआई-आधारित बहुभाषी डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म 'सबिद्या' शामिल है। राज्य भर में नये पुलिस स्टेशन खोले गये। इनमें विशेष रूप से साइबर अपराध और आर्थिक अपराध पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

इसके अतिरिक्त सार्वजनिक सुरक्षा और कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए आईआईटी भुवनेश्वर और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर किये गये।

मंत्री शाह ने पारादीप में इफको सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट के बारे में भी बात की, जो भारत को सल्फ्यूरिक एसिड उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देगा। यह ओडिशा और भारत के सतत विकास की दिशा में बड़ा कदम है।

उन्होंने ओडिशा के प्रचुर जल संसाधनों और डेयरी क्षमता की सराहना की, साथ ही सहकारी समितियों और डेयरी विकास के प्रति पिछली राज्य सरकार की उपेक्षा की आलोचना की।

मोदी सरकार ओडिशा सरकार के साथ मिलकर सहकारी समितियों को सफल 'अमूल मॉडल' पर तैयार करने के लिए काम कर रही है, जिसके बारे में उनका मानना है कि इससे महिलाओं, ग्रामीण आबादी और छोटे किसानों को लाभ होगा।

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