भुवनेश्वर , फरवरी 13 -- ओडिशा के शहरी आवास विकास विभाग के एक प्रतिनिधिमंडल ने तमिलनाडु में विश्व बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक के समर्थन से चलाये जा रहे सस्ते घर और शहरी आवास सुविधाओं का जायजा लेने के लिए गुरुवार को राज्य का दौरा किया।

इस दौरे का मकसद तमिलनाडु में लागू सस्ते घरों की आपूर्ति, संस्थागत ताकत, नयी वित्तीय संरचना और टिकाऊ शहरी आवास विकास के आजमाए हुए मॉडल को समझना था।

ओडिशा की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाधी ने ओडिशा शहरी आवास मिशन (ओयूएचएम) के अधिकारियों के साथ तमिलनाडु शहरी आवास विकास बोर्ड (टीएनयूएचडीबी ) और चेन्नई महानगर विकास प्राधिकरण (सीएमडीए) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नीति की रूपरेखा, परियोजना की संरचना और उसे लागू करने की रणनीति के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल को आवास विकास परियोजना के बारे में जानकारी दी गई, जिसे विश्व बैंक ने लगभग 20 करोड़ डॉलर की सहायता प्रदान की है।

परियोजना का उदेश्य आवास संस्थानों को मजबूत करने और तमिलनाडु आश्रय कोष (टीएनएसएफ) के माध्यम से किफायती आवास तक पहुंच का विस्तार करना है। टीएनएसएफ एक सामाजिक उद्यम निधि मॉडल है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए निजी निवेश जुटाने और टिकाऊ आवास समाधानों को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।

इस यात्रा में एडीबी समर्थित शहरी गरीब क्षेत्र परियोजना के लिए समावेशी, लचीला और टिकाऊ आवास भी शामिल था, जिसमें अनुमानित निवेश 1500 लाख अमरीकी डॉलर था। इसका उद्देश्य कई स्थानों पर लगभग 6,000 आवास इकाइयां विकसित करना है। परियोजना में उच्च जोखिम वाले और कमजोर क्षेत्रों से परिवारों को सुरक्षित आवासों में स्थानांतरित करने, ऊर्जा कुशल भवन डिजाइन, एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों जैसे आवश्यक सामाजिक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर जोर दिया गया है।

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