अलवर , दिसम्बर 30 -- राजस्थान में अलवर जिले के सरिस्का बाघ अभयारण्य में 'बाघ-बाघिन' का कुनबा बढ़ने से पर्यटकों को लगातार उनके दीदार हो रहे हैं।
वन विभाग के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि इसी आकर्षण में पर्यटक सरिस्का में सफारी करने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा विदेशी पर्यटक भी काफी संख्या में सफारी का लुफ्त उठाने के लिए सरिस्का आ रहे हैं।
आज सफारी के दौरान सरिस्का घानका तिराहा जॉन नंबर एक में बाघ- बाघिन यानी 'मां-बेटे' एक साथ नजर आये। इनको देखकर पर्यटक काफी उत्साहित नजर आये। पर्यटकों ने 'मां-बेटे' एक संग होने के इस अद्भुत दृश्य को अपने कैमरे में कैद किया। 'मां' एसटी-9 बाघिन घास पर बैठी रही तो वहीं सामने झाड़ियों से निकलकर 'बेटा' बाघ एसटी-15 आया। वह कुछ पल की झलक दिखाकर वापस झाड़ियों की तरफ चला गया, उसके पीछे पीछे बाघिन भी झाड़ियों के बीच चली गयी। एसटी-15 और एसटी- 21 युवराज बाघिन एसटी-9 के शावक हैं। 'मां-बेटे' को एक साथ देख पर्यटकों में काफी उत्साह नजर आया।
इन दिनों नये वर्ष को लेकर सरिस्का में पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है। लोग अपना नया वर्ष सरिस्का में मनाने पहुंच रहे हैं। पर्यटकों की संख्या सरिस्का में बढ़ने से सभी होटल और सफारी करने वाली जिप्सी सैलानियों से भरी रहती हैं। जिप्सी दो पारियों में चल रही हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित