अलवर , दिसम्बर 11 -- राजस्थान में अलवर के सरिस्का बाघ अभयारण्य में संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर वन विभाग के अतिरिक मुख्य सचिव आनंद कुमार और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरुण कुमार ने गुरुवार को सरिस्का परियोजना में व्यापक समीक्षा की ।

वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि दोनों अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर टाइगर सफारी, रूट्स चौकियों, ट्रेकिंग निगरानी प्रणाली और नये संकटग्रस्त बाघ आवास (सीटीएच) की सीमाओं का निरीक्षण किया। बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव शालूके और वन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में सरिस्का में बाघों की संख्या पर चर्चा करते हुए बताया कि यहां बाघों की संख्या 50 तक पहुंच चुकी है, जिसमें कई बाघिन ओर उनके शावक भी शामिल हैं। बाघों की बढ़ती संख्या सरिस्का की उपलब्धि है, लेकिन उसके साथ संरक्षण चुनौतियाँ भी बढ़ रही हैं। मुख्य समस्याओं में सीटीएच सीमाओं पर विवाद, गांवों का अधूरा पुनर्वास, घास भूमियों की कमी, मानव-वन्यजीव संघर्ष, खनन गतिविधियों का दबाव और निगरानी तंत्र की चुनौतियाँ शामिल हैं।

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