जयपुर , मार्च 10 -- राजस्थान के वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि सरिस्का टाइगर रिजर्व अभ्यारण्य क्षेत्र के विस्तार से प्रभावित आबादी को नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है।

श्री शर्मा विधायक कान्ति प्रसाद के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवार द्वारा प्रथम विकल्प नगद पैकेज का चयन करने पर 15 लाख रुपये का विस्थापन मुआवजा राज्य सरकार द्वारा दिया जा रहा है। इसी तरह द्वितीय विकल्प भूमि पैकेज में 1.5 हेक्टेयर समतल कृषि भूमि, 500 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड तथा 3.75 लाख रुपये का व्यक्तिगत मुआवजा राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों को सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ देकर मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया जाता है।

उन्होंने कहा कि सरिस्का बाघ परियोजना में बसे परिवारों का विस्थापन स्वेच्छा से हुआ है, किसी परिवार को जबरन विस्थापित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रूप से विस्थापित होने वाले परिवारों को विभाग द्वारा नेचर गाइड बनाने में प्राथमिकता दी जाती है। साथ ही अभ्यारण्य में संचालित होने वाली सफारी के लिए जिप्सी एवं केंटर के वाहन चालकों के रुप में भी प्राथमिकता दी जाती है। इसके अतिरिक्त विस्थापित परिवारजनों को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए संभागीय एवं जिला स्तरीय वन मेलों का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसमें वन क्षेत्र के लोगों को रोजगार के तरीके व उनके प्राकृतिक उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

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