अगरतला , जनवरी 16 -- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को अवैध घुसपैठ को पूर्वोत्तर की सुरक्षा और जनसंख्या स्थिरता पर खतरा बताया।

मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर राज्यों का हवाला देते हुए कहा, "असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम की सीमाएं बांग्लादेश से काफी लंबी हैं, जिससे बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के कारण सीमा पार घुसपैठ का खतरा बना रहता है।" उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों की सरकारों द्वारा घुसपैठ को रोकने की कोशिश की बात कही, जबकि पड़ोसी पश्चिम बंगाल पर उन्होंने उल्टा रुख अपनाने का आरोप लगाया।

श्री सरमा गुरुवार शाम को त्रिपुरा पहुंचे और पूजा-अर्चना करने के लिए उदयपुर में त्रिपुरेश्वरी मंदिर गए। उन्होंने अपने प्रवास के दौरान त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के साथ डिनर पर उच्चस्तरीय चर्चा करते हुए भाजपा नेताओं और राज्य मंत्रियों से बातचीत की।

उन्होंने कहा, "अवैध घुसपैठ असम से आगे बढ़कर पूरे पूर्वोत्तर को प्रभावित कर रही है। असम में जनगणना के बाद के आंकड़ों से पता चलता है कि अल्पसंख्यक आबादी में लगभग 40 प्रतिशत की संभावित वृद्धि हो सकती है, जिससे एक जटिल स्थिति पैदा हो रही है जिसके लिए क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार सतर्कता की आवश्यकता है।"श्री सरमा ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर सक्रिय उपायों की आवश्यकता को दोहराया। उन्होंने असम और त्रिपुरा द्वारा घुसपैठ रोकने के प्रयासों की जानकारी देते हुए पश्चिम बंगाल की कमियों का भी जिक्र किया।

श्री सरमा ने कहा कि पूर्वोत्तर में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सीमा को सुरक्षित करना अति महत्वपूर्ण है और पूर्वोत्तर के भविष्य की रक्षा के लिए असम, त्रिपुरा एवं पश्चिम बंगाल में शासन में निरंतरता के महत्व पर जोर दिया।

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