जयपुर , फरवरी 02 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरपंच को गांवों की लोकतांत्रिक शक्ति के प्रतीक एवं विकास की धुरी बताया है और कहा है कि इनके समर्पण भाव से किये गये कार्यों से ग्रामीण परिवारों के जीवन में खुशहाली आती है।
श्री शर्मा सोमवार को कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा में सरपंच संघ द्वारा आयोजित निवर्तमान सरपंच (प्रशासक) प्रदेश अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारें नीतियां और योजनायें बनाती हैं, लेकिन उन्हें ग्राम स्तर तक क्रियान्वित करने का सशक्त माध्यम सरपंच ही होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मूल मंत्र को ग्रामीण परिवेश में सरपंच धरातल पर उतारते हैं। सरपंच के दायित्व में जन अपेक्षाओं की पूर्ति और समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण कार्य होता है, जिसे वे पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण भाव से करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा लाया गया वीबी जी राम जी कानून ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इसके माध्यम से मनरेगा की अनियमितताओं को दूर किया गया है। इसके तहत स्थाई परिसंपत्तियों का निर्माण हो सकेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं को मजबूती मिलेगी। कानून में रोजगार की गारंटी को सौ दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय बजट में वीबी जी राम जी योजना में 95 हजार 692 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है।
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की आठ करोड़ जनता के कल्याण और सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास का रोडमैप बनाया है। पानी जैसी बुनियादी सुविधा को प्राथमिकता देते हुए रामजल सेतु लिंक परियोजना, देवास परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी, गंगनहर, माही सहित परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में आज 22 जिलों में दिन में बिजली दी जा रही है, जो 2027 तक पूरे जिलों में कर दी जाएगी। इसके साथ ही सोलर, बैट्री एवं पंप स्टोरेज परियोजनाओं में प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतीराज को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठा रही हैं। इसी क्रम में आठ नयी जिला परिषदों का गठन किया गया है। इसी प्रकार 94 नई पंचायत समितियां एवं 3 हजार 467 नयी ग्राम पंचायतें भी बनायी गयी हैं। पंचायत के जनप्रतिनिधियों के मानदेय में वर्ष 2024-25में 10 प्रतिशत और वर्ष 2025-26 में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि 475 ग्राम पंचायत भवनों एवं 117 अंबेडकर भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दो वर्षों के कार्यकाल में पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्षों से ज्यादा काम किया है। फार्म पौंड, डिग्गी निर्माण, तारबंदी, स्वामित्व कार्ड वितरण, पशु चिकित्सालयों का क्रमोन्नयन, पाइपलाइन और गौशाला अनुदान, अल्पकालीन फसल ऋण वितरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में दो साल में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में विकास तभी संभव होता है जब सरकार और जनप्रतिनिधि एक साथ कार्य करें।
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