चंडीगढ़ , मार्च 11 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने बुधवार को कहा कि पंजाब के तरनतारन जिले में 18 किलो हेरोइन के साथ आम आदमी पार्टी से जुड़े एक सरपंच की गिरफ्तारी से राज्य में नशे के खिलाफ लड़ाई के नाम पर भगवंत मान सरकार का छल उजागर हुआ है।
श्री चुघ ने कहा कि यह घटना बताती है कि राज्य सरकार नशे के मुद्दे पर केवल दिखावा कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है। इस घटना को बेहद चिंताजनक और शर्मनाक बताते हुए चुग ने कहा कि चूंकि यह गिरफ्तारी केंद्रीय एजेंसी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा की गई है, इसलिए इससे पंजाब पुलिस के तथाकथित "युद्ध नशों के विरुद्ध" अभियान की सच्चाई भी सामने आ गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस अभियान के नाम पर नशे के खिलाफ कार्रवाई के भ्रामक और भटकाने वाले दावे करती रही है। उन्होंने हाल ही में जालंधर में एक पुलिसकर्मी के बेटे की नशे के कारण हुई मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना भी राज्य में नशे की गंभीर समस्या और उससे निपटने में पुलिस तंत्र की कमजोरियों को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की जनता से वादा किया था कि सरकार बनने के 15 दिनों के भीतर राज्य से नशे के कारोबार को खत्म कर दिया जाएगा। लेकिन चार साल बाद हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि गांवों के चुने हुए प्रतिनिधि तक नशा तस्करी के मामलों में पकड़े जा रहे हैं, जिससे आम आदमी पार्टी के खोखले वादों की सच्चाई सामने आ गई है।
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि पिछले बजट में पंजाब सरकार ने तथाकथित "ड्रग सेंसस" के लिए लगभग 150 करोड़ रूपए का प्रावधान किया था ताकि राज्य में नशे की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और उसके आधार पर नीति बनाई जा सके। लेकिन आज तक सरकार यह बताने में विफल रही है कि उस ड्रग सेंसस का क्या हुआ, उसका डेटा कहाँ है और उस पर आवंटित धनराशि का उपयोग किस प्रकार किया गया।
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