एकता नगर , दिसंबर 06 -- उप राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को गुजरात के एकता नगर में कहा कि अखंड भारत के निर्माण में सरदार साहब का योगदान पीढ़ियों तक अमर रहेगा।
लौहपुरुष, देश के पहले गृहमंत्री एवं भारतरत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए राज्य के करमसद से निकली 'सरदारएट150' राष्ट्रीय एकता पदयात्रा 11 दिनों के परिभ्रमण के बाद एकतानगर स्थित सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' परिसर में पूर्ण हुई। समापन समारोह श्री राधाकृष्णन ने इस पदयात्रा को भारत की अमर आत्मा का उत्सव बताया और कहा कि यह पदयात्रा देश के जन और मन को जोड़ने का माध्यम बनी है, जिसमें एकता, कर्तव्य और राष्ट्रनिर्माण की भावना का अद्भुत समन्वय देखने मिला।
उप राष्ट्रपति ने कहा कि सरदार पटेल हमारे श्रेष्ठ राष्ट्रीय नायक थे, जिन्होंने कुशल नेतृत्व प्रदान करते हुए 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण किया। अखंड भारत के निर्माण में उनका योगदान पीढ़ियों तक अमर रहेगा। देशभर में आयोजित 1300 से अधिक पदयात्राओं में 14 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी यह सिद्ध करती है कि सरदार पटेल द्वारा प्रज्वलित एकता की ज्वाला आज भी प्रज्वलित है। उन्होंने कहा कि सरदार साहब से जुड़ी इस पदयात्रा ने पूरे देश में एकता, भाईचारे, 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' का संदेश फैलाया है।
श्री राधाकृष्णन ने कहा कि सरदार साहब ने अपने सादगीपूर्ण व्यक्तित्व से दुनिया को यह संदेश दिया कि एग्रीकल्चर इज अवर कल्चर अर्थात हमारी संस्कृति की जड़ कृषि है और यही हमारी पहचान है। सरदार पटेल ने पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोकर भारत को एक, अखंड और मजबूत बनाया। अहिंसा और सत्य का मार्ग दिखाने वाले महात्मा गांधी, देश को एकता के धागे में पिरोने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल और विकास को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित इन तीनों महान व्यक्तित्वों की जन्मभूमि गुजरात है।
उन्होंने कहा कि देश के किसी भी कोने में जब 'केम छो' कहा जाता है, तो जवाब में 'मजा मा!' सुनने मिलता है। यही भावना गुजरात की प्रगतिशील सोच और प्रधानमंत्री के लोकप्रिय नेतृत्व का प्रतिबिंब है। पिछले 10 वर्षों में भारत ने आर्थिक, सामाजिक, सैन्य और विदेश नीति सहित अनेक क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' ने महिला सशक्तिकरण से आगे बढ़कर महिला नेतृत्व आधारित विकास का युग शुरू किया है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में चार नयी श्रम संहिताएं (लेबर कोड) लागू की हैं, जो न्यायपूर्ण, सर्वसमावेशी और प्रगतिशील भारत के संकल्प का मजबूत आधार हैं। यह श्रम संहिताएं देश के श्रमिक वर्ग के लिए समानता और सम्मान का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
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