बीकानेर , नवंबर 01 -- केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने कहा सरदार पटेल ने वकील के रूप में 46 भारतीयों की जान बचायी थी।
श्री मेघवाल राजस्थान में बीकानेर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को आयोजित सरदारएट- 150 यूनिटी मार्च (पदयात्रा) को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल प्रसिद्ध वकील थे। वर्ष 1909 में 46 भारतीयों को मौत की सजा सुनाये जाने के एक मामले में पैरवी कर रहे थे, तो उन्हें एक पर्ची पकड़ाकर पत्नी की मृत्यु हो जाने की जानकारी दी गयी, लेकिन श्री पटेल ने बिना विचलित हुए पैरवी जारी रखी। उन्होंने अंग्रेज जजों से कहा, "मैं अपनी पत्नी को वापस नहीं ला सकता, लेकिन इन 46 लोगों को नया जीवन दे सकता हूं। जजों ने पटेल से प्रभावित होकर 46 लोगों की मौत की सजा माफ कर दी। "श्री मेघवाल ने कहा कि सरदार पटेल ने चुनौती स्वीकार करते हुए 562 देशी रियासतों को भारत के साथ विलय करवाकर भारत को एक बनाया। लिहाजा देश में जितने भी संसदीय क्षेत्र हैं, उनमें 25 नवम्बर तक तीन-तीन यूनिटी मार्च निकाले जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत को श्रेष्ठ बनाने में लगे हुए हैं। उनकी 2047 तक विकसित भारत की योजना है।
इससे पहले सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज परिसर में श्री मेघवाल ने सरदार पटेल की मूर्ति पर माल्यार्पण करके पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित सरदार पटेल की मूर्ति के सामने नव विवाहित जोड़े भवानी शंकर कुमावत और श्रीमती राजल को पारिवारिक एकता बनाये रखने की शपथ दिलायी।
इसके साथ ही श्री मेघवाल ने यूनिटी मार्च के दौरान देराजसर के चाय के ढाबे पर रूक कर चाय बनायी और पी भी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में एकता का संदेश जाना चाहिए। साथ ही कहा कि उन्होंने घर में चाय बनायी है और पिलायी भी है।
इससे पूर्व मेरा युवा भारत केन्द्र की सुश्री रूबी पाल ने स्वागत भाषण देते हुए बताया कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर 31 अक्टूबर से पांच दिसंबर तक देशभर के सभी राज्यों और जिलों में विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन पूर्व उप महापौर राजेन्द्र पंवार ने दिया। मार्च के दौरान हैड कांस्टेबल श्री दिनेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस बैंड ने स्वर लहरियां बिखेरी।
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