रायपुर , जनवरी 29 -- ) छत्तीसगढ़ का सरगुजा अंचल पूरे उत्साह और उमंग के साथ सरगुजा ओलंपिक 2026 के आयोजन के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समारोह में बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर होने वाले सरगुजा ओलंपिक के लोगो और शुभंकर 'गजरु' का अनावरण किया।
इस मौके पर श्री साय ने सरगुजा अंचल के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस आयोजन से क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का सशक्त मंच मिलेगा। उन्होंने बताया कि 12 खेल विधाओं में अब तक लगभग 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों का पंजीयन हुआ है, जो युवाओं के उत्साह, ऊर्जा और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक की तरह ही सरगुजा ओलंपिक भी जनभागीदारी से नई पहचान बनाएगा।
वहीं, उप मुख्यमंत्री और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक से उभरने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राज्य की खेल प्रशिक्षण अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। विजेता खिलाड़ियों को यूथ आइकॉन के रूप में पहचान दिलाकर बच्चों और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित किया जाएगा।
सरगुजा ओलंपिक 2026 का लोगो क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और खेल भावना का प्रतीक है। लोगो के केंद्र में मैनपाट स्थित टाइगर पॉइंट जलप्रपात को दर्शाया गया है, जो ऊर्जा, निरंतरता और जीवन प्रवाह का प्रतीक है। चारों ओर 12 खेलों के प्रतीक चिन्ह समावेशिता और समान अवसर का संदेश देते हैं। लाल रंग पहाड़ी कोरवा जनजाति की परंपराओं से जुड़ा हुआ शक्ति और साहस का प्रतीक है।
सरगुजा ओलंपिक का शुभंकर 'गजरु' हाथी के रूप में चुना गया है, जो आदिवासी समाज में बल, धैर्य, बुद्धिमत्ता और एकता का प्रतीक माना जाता है। इसकी विशेषताएं-अनुशासन, संतुलन और सामूहिक सहभागिता-खेल भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती हैं।
सरगुजा ओलंपिक के लिए 28 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक पंजीयन किया गया, जिसमें छह जिलों से 3.50 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भागीदारी दर्ज कराई। इनमें 1.59 लाख पुरुष और 1.89 लाख महिला खिलाड़ी शामिल हैं। कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, रस्साकसी सहित 12 खेल विधाओं में विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
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