अंबिकापुर, फरवरी 03 -- छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल सरगुजा संभाग में खेल प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत हुई है। बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर अब 'सरगुजा ओलंपिक' का आगाज़ हो गया है। अंबिकापुर के हाकी स्टेडियम में आज (मंगलवार) विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताओं का विधिवत शुभारंभ लूण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने किया, जिन्होंने खिलाड़ियों से रूबरू होकर इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत का संकेत दिया।

इस आयोजन को सरगुजा क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम बताया जा रहा है। विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक के तहत 12 विभिन्न खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। चार अलग-अलग आयु वर्गों के खिलाड़ी इसमें हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। खास बात यह है कि ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में युवा, महिला और पुरुष खिलाड़ी इस मंच पर उतरे हैं, जो इस पहल की सार्थकता को दर्शाता है।

इस अवसर पर अंबिकापुर जनपद पंचायत की सभापति विजय व्यापारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की पहल पर शुरू हुए सरगुजा ओलंपिक का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को एक व्यवस्थित मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ नए चेहरे सामने आएंगे, बल्कि खेल संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।

माना जा रहा है कि सरगुजा ओलंपिक खेल जगत में आदिवासी अंचल की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इसके जरिए स्थानीय स्तर से खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें उच्च प्रशिक्षण एवं संसाधन मुहैया कराए जाने की एक ठोस रणनीति पर काम किया जाएगा। खेल प्रेमियों का मानना है कि यह पहल भविष्य में इस क्षेत्र से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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