चंडीगढ़ , फरवरी 26 -- पंजाब के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विधायक परगट सिंह ने गुरुवार को आरोप लगाया कि एक ओर जहां गैंगस्टर फिरौती की मांगोंके साथ उद्योगपतियों और व्यापारियों को निशाना बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पंजाब सरकार आक्रामक छापेमारी के जरिए चुनिंदा व्यवसायों को परेशानकर रही है।

श्री सिंह ने मांग की कि सरकार व्यापारिक समुदाय को डराने के बजाय उन्हें सुरक्षा प्रदान करे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करे। उन्होंने कहा, " बार-बार और चुनिंदा तरीके से की जा रही छापेमारी ने डर का माहौल पैदा कर दिया है। कई उद्यमी भारी दबाव में जी रहे हैं, जिससे पंजाब में निवेश और रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं। "श्री सिंह ने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है और प्रशासन ने पंजाब को एक 'पुलिस स्टेट' बना दिया है। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर विरोधी अभियान जमीनी स्तर के बजाय कागजों पर अधिक प्रभावी दिखते हैं। उन्होंने जोड़ा, "तमाम दावों के बावजूद फिरौती, गोलीबारी और हत्याएं बेखौफ जारी हैं और गैंगस्टर खुलेआम जिम्मेदारी ले रहे हैं। सरकार केवल सोशल मीडिया के आंकड़ों का इस्तेमाल खुद को बधाई देने के लिए कर रही है।" पूर्व शिक्षा मंत्री ने राज्य के नशा विरोधी अभियान को भी अप्रभावी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नशीले पदार्थों का धंधा करने वालों का नेटवर्क अभी भी बरकरार है और बड़े तस्करों को अब तक पकड़ा नहीं गया है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर हाल ही में हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे सरकार की "किसान विरोधी मानसिकता" का प्रतिबिंब बताया और कहा कि यह बल प्रयोग के जरिए वैध लोकतांत्रिक मांगों को दबाने की कोशिश है।

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