जालंधर , जनवरी 30 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को स्थानीय पीएपी ग्राउंड में 2.7 लाख से ज़्यादा अनुसूचित जाति के छात्रोंको छात्रवृति बांटने की शुरुआत करते हुए कहा कि 'मिशन रंगला पंजाब' अभियान के तहत 271 करोड़ रुपये की पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप गवर्नेंस की प्राथमिकताओं में एक बड़ा बदलाव दिखाती है।
श्री मान ने कहा, " आज जालंधर के पीएपी ग्राउंड में, अनुसूचित जाति के स्टूडेंट को स्कॉलरशिप बांटी गयी, जिससे पूरे राज्य में 2.5 लाख से ज़्यादा बच्चोंको स्कॉलरशिप मिलने की शुरुआत हुई। इस पहल का मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि ज़रूरतमंद परिवारों के बच्चे हायर एजुकेशन ले सकें। 2020-21 की तुलना में, 2024-25 में स्कॉलरशिप पाने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में 35 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। यह स्कॉलरशिप सिर्फ़ फाइनेंशियल मदद नहीं है, बल्कि स्टूडेंट्स को आत्मनिर्भर बनाने का एक मज़बूत ज़रिया है। कोशिश यह है कि कोई भी बच्चा पैसे की कमी के कारण पढ़ाई से दूर न रहे या अपने सपनों को छोड़ने पर मजबूर न हो।"श्री मान ने कहा, " स्कैम से 'पंजाब शाइन' तक, पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप सामाजिक बदलाव का एक मज़बूत ज़रिया बन गयी है। इस बड़ी स्कीम ने उच्च शिक्षा ले रहे लाखों अनुसूचित जाति के छात्रों के सपनों को पंख दिये हैं।" उन्होंने कहा कि 2017 से 2020 के बीच यह स्कीम लगभग रुक गयी थी, जिससे शिक्षण संस्थान छात्रों की डिग्री रोक रहे थे।
उन्होंने कहा, " इस स्कीम के तहत एक घोटाला हुआ और हर पंजाबी इससे दुखी था। उस समय विभाग के इंचार्ज मंत्री ने कमज़ोर तबके के बच्चों की पढ़ाई के लिए दिए गए पैसे को गैर-कानूनी तरीके से हड़पकर अपनी ही कम्युनिटी के साथ धोखा किया। "उन्होंने कहा कि स्टूडेंट के लिए दिये गये फंड हड़प लिये गये, जिससे उन्हें उनके सही मौकों से दूर रखा गया।
शिक्षा की बदलाव लाने वाली ताकत पर ज़ोर देते हुए, मान ने कहा, " यह स्कीम उन परिवारों के लिए है, जिनकी सालाना इनकम 2.50 लाख रुपये से कम है और इसे पंजाब में पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि बजट को 245 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 271 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, "पहली बार, धोखाधड़ी को रोकने के लिए छात्रों, संस्थानों के प्रमुखों और नोडल अधिकारियों के लिए बायो-ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया गया है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर छात्रवृत्ति पोर्टल पर एक नई जवाबदेही प्रणाली शुरू की गयी है।
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