पटना , फरवरी 19 -- बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि कृषि तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग आपसी सहयोग से किसानों की समस्याओं के समाधान की कोशिश कर रहे हैं और सरकार सुनिश्चित करेगी कि प्रदेश में सभी पात्र किसानों जी फार्मर आई डी शीघ्र बना दी जाए।
श्री यादव ने पैतृक जमाबंदी हस्तांतरण और बंटवारे की समस्या से जूझ रहे किसानों की विलंबित फार्मर आईडी की समस्या पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक मंजीत सिंह के अल्पसूचित सवाल के जवाब में कहा कि 17 फरवरी 2026 तक 45 लाख 18 हजार 744 किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के कागजात दुरुस्त हैं, उनकी फार्मर आईडी तुरंत बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ है और उनका कृषि विभाग इस समस्या के समाधान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सहयोग से किसानों से उनके दरवाजे तक जा कर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार सुधार विभाग अगस्त-सितंबर 2025 में प्राप्त जमाबंदी और बंटवारे से संबंधित 44.95 लाख आवेदनों के निपटारे के लिए शिविर का आयोजन कर रहा है और शीघ्र ही इस समस्या को सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी पात्र किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना या अन्य सरकारी योजनाओं से वंचित नही होगा।
इसके पहले अल्पकालिक प्रश्न के माध्यम से जदयू विधायक श्री सिंह ने कहा कि एग्रीस्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के लिए प्रधान सचिव, कृषि विभाग की तरफ से राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों को 23 दिसम्बर, 2025 को निर्देश जारी किये गए थे। उन्होंने कहा कि इस समय राज्य के 38 जिलों में 85 लाख 53 हजार 570 प्रधानमंत्री किसान सम्मान के पंजीकृत लाभार्थी हैं, जिनमे से अबतक 25.28 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो पाई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित