नयी दिल्ली , मई 05 -- सरकार ने उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए बताया कि इस फैसले के बाद उच्चतम न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर न्यायाधीशों की संख्या 37 हो जाएगी। इसके लिए उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 संसद में पेश किया जाएगा। इस संशोधन से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या में चार की वृद्धि की जाएगी। उनका कहना था कि न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से शीर्ष अदालत अधिक कुशल और प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेगी तथा इससे मामलों के शीघ्र निपटारे में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों और सहायक कर्मचारियों के वेतन तथा अन्य सुविधाओं पर होने वाला व्यय भारत की संचित निधि से वहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 के तहत समय-समय पर संशोधन कर न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाई जाती रही है और 2019 में इसे बढ़ाकर 33 किया गया था।
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