चंडीगढ़ , फरवरी 27 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गुरदासपुर ज़िले में पुलिस मुठभेड़ में मारे गये युवक के मामले में लोगों के मन में उठ रहे सवालों को देखते हुए सरकार से अपील की है कि वह अपनी विश्वसनीयता साबित करने के लिए इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की पहल करे।
श्री जाखड़ ने शुक्रवार को कहा कि इस संबंध में पुलिस द्वारा दी जा रही कहानी जनता के मन में संदेह पैदा कर रही है और सरकार और पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार लोगों के बीच अपनी साख खो चुकी है और लोग इसके बयानों पर विश्वास नहीं करपा रहे हैं। इसलिए अपनी खोई हुई विश्वसनीयता को बहाल करने के लिए सरकार को निष्पक्ष जांच कराने के लिए आगे आना चाहिए।
श्री जाखड़ ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मुठभेड़ किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है और पंजाब के संदर्भ में यह और भी ज़रूरी हो जाता है कि ऐसे मामलों की गंभीर जांच हो, क्योंकि पंजाब अपने काले दौर में फर्जी एनकाउंटरों का भारी खामियाजा भुगत चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह यह नहीं कह रहे कि कौन दोषी है और कौन निर्दोष, न ही यह कह रहे हैं कि एनकाउंटर फर्जी था या असली। लेकिन पुलिस की कहानी लोगों के गले नहीं उतर रही है। मृतक का परिवार और समाज सवाल उठा रहा है। उन्होंने कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि एक युवक पुलिस हिरासत से फरार हुआ और थोड़ी ही देर में, रात के समय, उसने मोटरसाइकिल और हथियार भी हासिल कर लिए और अगले ही नाके पर मुठभेड़ में मारा गया। इन सवालों के जवाब केवल निष्पक्ष जांच से ही मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि भले ही कोई दोषी ही क्यों न हो, उसे सजा देने का अधिकार अदालत का है। पुलिस का खुद ही जज बनकर सजा देना लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसलिए इस एनकाउंटर की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच जरूरी है, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया जाए, ताकि पुलिस की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों को रोका जा सके।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से सीधे सवाल करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में निष्पक्ष जांच की पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब न्याय मांगता है। उन्होंने कहा कि यदि उस युवक ने वास्तव में कोई अपराध किया भी था, तो भी किसी का मुठभेड़ में मार देना उससे भी बड़ा अपराध है।
श्री जाखड़ ने कहा कि हर मुठभेड़ के बाद पुलिस की कहानियों में समानताएं होती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पिछली मुठभेड़ों से पुलिस ने कोई सबक नहीं सीखा-कि ऐसे लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाते समय अधिक बल और सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि भले ही पुलिस की बात सच हो, फिर भी सरकार को अपनी विश्वसनीयता साबित करने के लिए निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। अन्यथा पुलिस अधिकारियों के बयान पंजाब के लोगों को संतुष्ट नहीं कर पा रहे हैं। लोगों के मन में पैदा हो रहा यह असंतोष इस सीमावर्ती राज्य को बड़े खतरे में डाल सकता है।
एक अन्य विषय पर बोलते हुए, श्री जाखड़ ने राज्य सरकार द्वारा 'नशों के खिलाफ युद्ध' अभियान के तहत 117 नशा-रोधी कार्यकारी अधिकारियों की ठेके पर भर्ती पर सवाल उठाये। उन्होंने पूछा कि क्या कानून-व्यवस्था जैसे संवेदनशील मामलों में सरकार को इस तरह अपने चहेतों को नियुक्त करने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के शासन में भ्रष्टाचार चरम पर है और आज हर दफ्तर में रिश्वत की दर बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि पंजाब को धीरे-धीरे बाहरी लोग लूट रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इन सभी समस्याओं का समाधान केवल भाजपा ही कर सकती है और आगामी चुनावों में पंजाब के लोगों ने यह मन बना लिया है कि इस भ्रष्ट सरकार से कैसे छुटकारा पाना है।
इस अवसर पर फतेहगढ़ जिले से सामाजिक कार्यकर्ता त्रिलोचन सिंह सरहिंद, फाजिल्का जिले से पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एवं पीपीसीसी के पूर्व सचिव देस सिंह, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष गुरदियाल सिंह बूटा सिंह (राणा राइ) समाज सेवक और पूर्व ब्लॉक समिति चेयरपर्सन श्रीमती बगो बाई भाजपा में शामिल हुए। उनका पार्टी में स्वागत करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज हर व्यक्ति को भाजपा ही पंजाब का भविष्य नजर आ रही है, इसी कारण लोग इस पार्टी से जुड़ रहे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित