मुंबई , मई 06 -- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने राजपत्रित अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अनिवार्य हिंदी भाषा प्रवीणता परीक्षा आयोजित करने के सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
भाषा निदेशालय की 28 जून को निर्धारित यह परीक्षा मुंबई, पुणे, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों में कार्यरत अधिकारियों के लिए है।
मनसे के वरिष्ठ नेता संदीप देशपांडे ने राज्य सरकार पर दिल्ली के नेताओं को खुश करने के लिए 'पिछले दरवाजे' से हिंदी थोपने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर दिया कि मराठी राज्य की एकमात्र आधिकारिक भाषा है और चेतावनी दी कि यदि सरकार परीक्षा आयोजित करती है, तो मनसे कार्यकर्ता परीक्षा केंद्रों पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इसी तरह शिवसेना(यूबीटी) और 'मराठी अभ्यास केंद्र' जैसे भाषाई संगठनों ने भी इस कदम का कड़ा विरोध किया है।
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