नयी दिल्ली , फरवरी 02 -- संसद में रविवार को पेश वित्त वर्ष 2026-27 के बजट की सराहना करते हुए विभिन्न संगठनों तथा इकाइयों ने इसे भविष्योन्मुखी बताया है।
साख निर्धारण एवं बाजार अध्ययन एजेंसी क्रिसिल ने बजट को दूरदृष्टि वाला बताया और कहा कि बजट का ध्यान अब दीर्घकालीन सुधारों की ओर मुड़ गया है जिससे कारोबार की आसानी बढ़ रही है और समावेशी विकास इसके केंद्र में आ गया है।
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को नीतिगत स्थिरता को बरकरार रखने वाला बताया और कहा कि इसे भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, कार्बन कैप्चर यूटलाइजेशन और भंडारण, तथा महत्वपूर्ण खनिजों पर जोर दिया गया है। पिछली बजट की तरह ही इस बजट में भी बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिया गया है।
भारतीय निर्यातक महासंघ (फियो) के अध्यक्ष एस.सी. रल्हान ने संसद में रविवार को पेश बजट में निरंतर आर्थिक विकास, राजकोषीय अनुशासन, अवसंरचना विस्तार और विश्वास-आधारित शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की तारीफ करते हुए कहा कि यह बजट व्यापार एवं निवेश पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक सशक्त बनायेगा तथा निर्यातकों को एक स्थिर नीतिगत वातावरण प्रदान करेगा।
उन्होंने विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर्स, बायोफार्मा, वस्त्र, रसायन, विमान घटक, निर्माण उपकरण और रेयर अर्थ मैग्नेट जैसे उच्च-मूल्य एवं रणनीतिक क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माण को सशक्त बनाने के सरकार के केंद्रित दृष्टिकोण की सराहना की है। उन्होंने कहा कि 200 पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार के प्रस्ताव तथा विभिन्न क्षेत्र-विशेष पहलों से पैमाने, उत्पादकता, प्रौद्योगिकी अपनाने और निर्यात तत्परता में सुधार होने की उम्मीद है।
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