मुंबई , फरवरी 16 -- समाजवादी पार्टी से बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के दो नवनिर्वाचित पार्षदों ने मुंबई के लिए एक व्यवस्थित 24x7 आर्थिक मॉडल को लागू करने का प्रस्ताव दिया है।
प्रस्ताव में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए 'फूड डिस्ट्रिक्ट्स' (खाद्य क्षेत्र), सांस्कृतिक केंद्र, समुद्री पर्यटन गतिविधियों, कला उत्सवों और मनोरंजन गलियारों वाली एक व्यवस्थित 'नाइट-टाइम इकोनॉमी' (रात्रि अर्थव्यवस्था) के विकास की रूपरेखा दी गई है।
पार्षद अमरीन शहजाद अब्राहानी और इरम सिद्दीकी ने मुंबई की महापौर रितु तावड़े और नगर आयुक्त भूषण गगरानी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि शहर के चुनिंदा क्षेत्रों में पायलट परियोजनाएं शुरू की जाएं।
प्रस्तावित पायलट क्षेत्रों में दक्षिण मुंबई, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, लोअर परेल और अन्य प्रमुख व्यावसायिक गलियारे शामिल हैं। पार्षदों ने इस मॉडल के तहत एक सख्त नियामक ढांचे की शुरुआत करने की सिफारिश की है, जिसमें ध्वनि नियंत्रण प्रणाली, अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था, यातायात के उपाय, प्रभावी सुरक्षा तैनाती शामिल हो।
पार्षदों ने मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रणनीतिक योजना और सुरक्षा उपायों के माध्यम से मुंबई औपचारिक रूप से चौबीसों घंटे चलने वाले एक व्यवस्थित वैश्विक शहर मॉडल में बदल सकता है, जो आर्थिक लचीलेपन को मजबूत करेगा, समावेशी विकास को बढ़ावा देगा और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेगा।
पार्षदों ने उल्लेख किया कि दुनिया भर के कई प्रमुख शहरों ने 24 घंटे के आर्थिक ढांचे को अपनाया है, जिसके परिणामस्वरूप रोजगार के अवसरों में वृद्धि, पर्यटन का विकास, बेहतर शहरी सुरक्षा और उच्च कर राजस्व प्राप्त हुआ है। उनके अनुसार, चिन्हित व्यावसायिक क्षेत्रों में व्यापार के घंटे बढ़ाने से खुदरा व्यापार, आतिथ्य, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सेवा क्षेत्रों में गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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