गांधीनगर , फरवरी 03 -- विश्व कैंसर दिवस 2026 के अवसर पर चार फरवरी को गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (जीसीआरआई) में 10 वर्ष से अधिक समय से कैंसर-मुक्त 500 सर्वाइवर्स के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जो यह सशक्त संदेश देगा कि समय पर और सही इलाज से कैंसर पर विजय संभव है।

सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि विश्व कैंसर दिवस 2026 के अवसर पर जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में जीसीआरआई में 26,810 से अधिक नये कैंसर मरीजों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से 9,147 मरीज गुजरात के बाहर से आये। इनमें सबसे अधिक मरीज मध्य प्रदेश 4,572, राजस्थान 2,678, उत्तर प्रदेश 1,094, महाराष्ट्र 279 और बिहार 288 से पहुंचे। ये आंकड़े बताते हैं कि जीसीआरआई अब एक सशक्त 'नेशनल रेफरल सेंटर' के रूप में स्थापित हो चुका है, जहां देश के लगभग सभी राज्यों से कैंसर मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

जीसीआरआई अहमदाबाद ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि वह केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए कैंसर उपचार, अनुसंधान, रोकथाम और प्रारंभिक पहचान का प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बन चुका है। जीसीआरआई के सुदृढ़ीकरण और विस्तार की जो आधारशिला वर्षों पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के दौरान रखी गई थी, उसी सतत नीति-दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए आज मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में यह संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर कैंसर उपचार का भरोसेमंद केंद्र बनकर उभरा है।

रोबोटिक सर्जरी और एचआईपीईसी के माध्यम से जीसीआरआई का सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में क्रांतिकारी कदम, अत्याधुनिक तकनीक से कैंसर उपचार उपलब्ध कराने में गुजरात कैंसर रीसर्च इन्स्टीट्यूट (जीसीआरआई ) ने नया मानदंड स्थापित कर लिया है। यहाँ अब 50 रोबोटिक असिस्टेड कैंसर सर्जरीज़ और एचआईपीईसी (हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी) जैसी अत्याधुनिक उपचार सुविधाएँ भी उपलब्ध हो गयी हैं।

मात्र छह महीनों में जीसीआरआई में रिकॉर्ड 50 रोबोटिक असिस्टेड कैंसर सर्जरीज़ हुई हैं और वहीं पिछले तीन सालों में कैंसर से संबंधित 40 एचआईपीईसी प्रोसीज़र्स भी सफलतापूर्वक की गईं हैं। एचआईपीईसी एक ऐसी जटिल प्रक्रिया है जो पेट के भीतर फैले कैंसर में उपयोग होती है और अब यह चुनिंदा तकनीक मरीजों के लिए जीसीआरआई में उपलब्ध है।

इसी तरह पीईटी-सीटी स्कैन (पोजीशन एमिशन टोमोग्राफी-कंप्यूटेड टोमोग्राफी भी कैंसर की जाँच और इलाज में इस्तेमाल होने वाली सबसे उन्नत और सटीक तकनीकों में से एक है। आसान भाषा में कहें तो, यह दो अलग-अलग तरह की जाँचों (पीईटी और सीटी) का एक 'हाइब्रिड' या मिश्रण है जो शरीर के अंदर की बहुत बारीक जानकारी देता है। जीसीआरआई में पीईटी-सीटी जाँच की संख्या भी वर्ष 2021 के सापेक्ष 1,813 से बढ़कर 2025 में 6,333 हो गयी है। कैंसर उपचार में जीसीआरआई की बढ़ती विश्वसनीयता से वर्ष 2025 में 2.59 लाख से अधिक ओपीडी विज़िट्स दर्ज की गईं। इसी अवधि में 17,800 से अधिक सर्जरीज़ जिनमें 50 बोन मैरो ट्रांसप्लांट भी शामिल हैं। साथ ही, इसी वर्ष कैंसर उपचार के लिए 50,130 से अधिक कीमोथेरेपीज़, 5,852 रेडिएशन ट्रीटमेंट और 24.6 लाख से अधिक लैब जांचें भी की गयी।

इतना ही नहीं, कैंसर की रोकथाम और प्रारंभिक पहचान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जीसीआरआई ने 2025 में पूरे गुजरात में 110 सामुदायिक स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए, जिनमें 12,000 से अधिक लोग शामिल हुए। अक्टूबर 2021 से संचालित 'नो-कॉस्ट कैंसर स्क्रीनिंग ओपीडी' में अब तक 50,000 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से 118 कैंसर मामलों की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हुई।

इसी तरह एचआईवी संक्रमित महिलाओं (पीएलएचए) के लिए चलाये गये एचपीवी डीएनएस्क्रीनिंग कार्यक्रम में भी 1,400 से अधिक महिलाओं की जांच की गयी, जिनमें 21 प्रतिशत एचआईवी पॉजिटिव पायी गयीं। आगे की जांच में 57 सर्विक्स कार्सिनोमा इन-सिटू (सीआईएन) केस सामने आए, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सका।

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