पटना , फरवरी 23 -- बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव की अध्यक्षता में सोमवार को सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (एसएमएएम) योजना अंतर्गत कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिये केन्द्रीयकृत ऑनलाइन लॉटरी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई। लॉटरी प्रक्रिया ओएफएमएएस पोर्टल के माध्यम से आयोजित की गई, जिसके तहत् चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र निर्गत किया गया।

कृषि मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार छोटे एवं सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन के तहत 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। कस्टम हायरिंग सेंटर एवं फार्म मशीनरी बैंक को भी प्रोत्साहन दिया गया है। केंद्रीकृत ऑनलाइन लॉटरी से पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए किसानों को स्वीकृति पत्र जारी किए जा रहे हैं।

श्री यादव ने कहा कि कृषि रोड मैप के अंतर्गत लघु एवं सीमांत कृषकों को आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन योजना लागू की गई है।उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान, कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना, फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना तथा स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिये सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे समयबद्ध कृषि कार्य संपादन के साथ उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

आज के इस कार्यक्रम में कृषि यंत्रों पर अनुदान की योजना अंतर्गत कुल 153.64 करोड़ रूपये की वित्तीय लक्ष्य में से अब तक की शेष राशि कुल 79.86 करोड़ रू० हेतु लिए केन्द्रीयकृत लॉटरी कर स्वीकृति पत्र निर्गत किया गया है। जिसमें ओएफएमएएस पोर्टल पर आवेदन के माध्यम से कुल 1.45 लाख किसानों की भागीदारी हुई है। कृषि यंत्रों पर अनुदान घटक अंतर्गत कुल 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। अब तक इस घटक अंतर्गत कुल 151.68 करोड़ रूपये की कुल वित्तीय लक्ष्य के विरूद्ध 2.20 लाख आवेदन प्राप्त हुए है। जिसमें से कुल 71.82 करोड़ रूपये की वित्तीय लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 66833 परमिट निर्गत की गई है जिसमें से 29766 किसानों द्वारा यंत्र क्रय किया जा रहा है। गत वित्तीय वर्ष में इस घटक अंतर्गत कुल 91561 आवेदन किसानों द्वारा ओएफएमएएस पोर्टल पर आवेदित किये गये थे।इसी प्रकार किसानों/समूहों को कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना के लिये 10 लाख रूपये की लागत पर 40 प्रतिशत अधिकतम 04 लाख रुपया अनुदान दिया जाता है। इसके तहत राज्य में कुल भौतिक लक्ष्य 267 कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना किये जाने के लिये कुल 10.68 करोड़ की वित्तीय लक्ष्य का प्रावधान किया गया है। इसमें अब तक 2773 आवेदन प्राप्त हुये है, जिसमें से स्क्रीनिंग उपरांत ऑनलाईन लॉटरी कर 506 स्वीकृति पत्र दी गई तथा अब तक इस घटक अंतर्गत कुल 167 किसानों/समूहों द्वारा कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना कराया जा रहा है।

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