खरगोन , दिसम्बर 10 -- मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में निमरानी औद्योगिक क्षेत्र में यूरिया खाद की कालाबाजारी और उसके दुरुपयोग के मामले में पुलिस ने कंपनी संचालक और सुपरवाइजर को गिरफ्तार किया है।

आरोप है कि दोनों किसानों के लिए सब्सिडी के यूरिया को टेक्निकल ग्रेड का यूरिया बनाकर गुजरात में एडहेसिव बनाने वाली कंपनियों को बेच रहे थे।

बलकवाड़ा थाना प्रभारी रितेश यादव ने बताया कि पुलिस ने निमरानी के महाकाल ट्रेडर्स के संचालक, गुजरात के कच्छ क्षेत्र के कंडोल निवासी महेंद्र दाफड़ा और कंपनी सुपरवाइजर भावनगर क्षेत्र के सत्यजीत गोहिल को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायालय में पेश किया। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

उन्होंने बताया कि यूरिया की कालाबाजारी कर सप्लाई करने के आरोप में मानपुर के रजत अजमेरा को भी गिरफ्तार किया गया है। फैक्ट्री को किराए पर देने वाले इंदौर निवासी दिनेश पाटीदार को भी पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि दिनेश पाटीदार ने मई महीने में महेंद्र दाफड़ा को अपनी फैक्ट्री किराए पर दी थी। महेंद्र सब्सिडी का यूरिया रजत अजमेरा से खरीद कर उसे ग्राइंडर की मदद से पिसवाता था और टेक्निकल ग्रेड का यूरिया तैयार करता था। टेक्निकल ग्रेड का यूरिया एडहेसिव बनाने के काम भी आता है और महेंद्र इसे गुजरात में एडहेसिव बनाने वाली कंपनियों को बेचता था। उन्होंने बताया कि टेक्निकल ग्रेड यूरिया खरीदने वालों का भी पता लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी के खातों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। रजत अजमेरा किसानों का सब्सिडी वाला यूरिया महेंद्र दाफड़ा को 266 रु प्रति बैग की जगह 450 रु रुपए प्रति बैग के हिसाब से बेचता था।

उन्होंने बताया कि किसान संघ की यूरिया के अवैध भंडारण और दुरुपयोग शिकायत पर कृषि विभाग ने 28 नवंबर को निमरानी स्थित महाकाल ट्रेडर्स के फैक्ट्री पर छापा मारा था। इस दौरान बड़ी मात्रा में नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड का पैक्ड यूरिया , ग्राइंडिंग मशीन और पिसा हुआ यूरिया, खाली व भरे बैग और मिनी ट्रक जब्त हए थे।

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