अबू धाबी , दिसंबर 16 -- उत्तर प्रदेश के ऑलराउंडर प्रशांत वीर और राजस्थान के विस्फोटक बल्लेबाज कार्तिक शर्मा मंगलवार को यहां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मिनी-ऑक्शन के दौरान लीग के सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बन गये, जबकि ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन लीग के इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने।
कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ऑक्शन में 64.30 करोड़ के बजट के साथ उतरी थी। केकेआर ने जहां नीलामी में सर्वाधिक 62.95 करोड़ रुपए ख़र्च किये, वहीं चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) 41 करोड़ रुपए खर्च कर सबसे ज्यादा खर्चा करने वाली टीम रही।
यहां एतिहाद एरिना में आईपीएल मिनी-ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) ने राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद को हराकर वीर को 14.2 करोड़ रुपए में अपने नाम किया। कुछ देर बाद कार्तिक के लिये भी सीएसके और हैदराबाद के बीच खींचतान हुई, लेकिन आखिरकार चेन्नई की फ्रेंचाइज़ी ने इस विस्फोटक बल्लेबाज को 14.2 करोड़ में खरीद लिया।
ये दोनों ही खिलाड़ी लीग के इतिहास के सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बन गये। इससे पहले यह रिकॉर्ड आवेश खान के पास था जिन्हें लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2022 में 10 करोड़ में खरीदा था।
इस बीच, केकेआर ने 25.20 करोड़ की बोली लगाकर ग्रीन को अपनी टीम में शामिल किया। अब तक मिचेल स्टार्क लीग के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी थे। उन्हें भी केकेआर ने 2024 में 24.75 करोड़ में खरीदा था।
उल्लेखनीय है कि भारी-भरकम बोली के बावजूद ग्रीन को यह सीज़न खेलने के सिर्फ 18 करोड़ रुपए ही मिलेंगे। इसकी वजह है कि आईपीएल प्रबंधन ने 2025 मेगा-ऑक्शन से पहले 'अधिकतम फ़ीस सीमा' लागू की थी, जिसके तहत अगर कोई फ्रेंचाइज़ी 18 करोड़ से ज्यादा में किसी विदेशी खिलाड़ी को खरीदती है, तो बकाया रकम बीसीसीआई के खिलाड़ी कल्याण कार्यक्रम की ओर जायेगी।
मिनी-ऑक्शन में जम्मू-कश्मीर के आक़िब नबी भी उन युवा प्रतिभाओं में से एक रहे जिन्हें मोटी रक़म मिली। दिल्ली कैपिटल्स ने 8.4 करोड़ रुपए देकर इस तेज़ गेंदबाज़ को अपनी फ्रेंचाइज़ी का हिस्सा बनाया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने विकेटकीपर-बल्लेबाज़ मंगेश यादव को 5.2 करोड़ में फ्रेंचाइज़ी में शामिल कर लिया।
रवि बिश्नोई 7.2 करोड़ में राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बनकर इस मिनी-ऑक्शन के सबसे महंगे 'कैप्ड' भारतीय खिलाड़ी रहे, जबकि मध्य प्रदेश के बाएं हाथ के ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर सात करोड़ में आरसीबी का हिस्सा बन गये। पिछले साल केकेआर ने उन्हें 23.75 करोड़ रुपए में खरीदा था, लेकिन उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा।
मथीशा पथिराना 18 करोड़ में केकेआर के पास गये और इस मिनी-ऑक्शन के दूसरे सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी रहे, लेकिन कई विदेशी खिलाड़ी बहुत कम रकम में भी बिके। दिल्ली कैपिटल्स ने डेविड मिलर और बेन डकेट को महज़ दो-दो करोड़ में ख़रीद लिया। केकेआर ने दो करोड़ में फिन ऐलन को फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनाया।
इसी तरह मुंबई इंडियन्स ने सिर्फ एक करोड़ में क्विंटन डीकॉक का फ्रेंचाइजी में पुनः स्वागत किया। वेस्ट इंडीज़ के ऑलराउंडर अकील हुसैन दो करोड़ में सीएसके का हिस्सा बने। एलएसजी ने दो करोड़ में आनरिक नॉर्खिया को खरीद लिया।
कई बड़े नाम ऐसे भी रहे जो शुरुआती राउंड में नहीं बिके, लेकिन नीलामी के आखिरी हिस्से में उन्हें फ्रेंचाइज़ी मिल गयी। ऐसे खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा इंग्लैंड के ऑलराउंडर लियम लिविंगस्टन ने कमाये। उन्हें सनराइज़र्स हैदराबाद ने 13 करोड़ में ख़रीदा। महाराष्ट्र के युवा सलामी बल्लेबाज़ पृथ्वी शॉ 75 लाख के बेस प्राइज़ पर दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा बने। सरफ़राज़ ख़ान को 75 लाख में चेन्नई सुपर किंग्स ने अपनी फ्रेंचाइज़ी में शामिल कर लिया।
न्यूज़ीलैंड के सलामी बल्लेबाज़ डेवन कॉन्वे, ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज़ जेक-फ्रेज़र मैकगर्क और इंग्लैंड के जॉनी बेयरस्टो को कोई ख़रीदार नहीं मिला।
दीपक हुड्डा, आकाश मधवाल और श्रीकर भरत उन भारतीय खिलाड़ियों में से थे जिन्हें आईपीएल मिनी-ऑक्शन 2025 से ख़ाली हाथ लौटना पड़ा।
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