तिरुवनंतपुरम , फरवरी 23 -- कांग्रेस-नीत यूडीएफ के कथित सबरीमला स्वर्ण चोरी मामले की जांच को लेकर किये गये जोरदार विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर केरल विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी ।
विधानसभा का सत्र शुरू होते ही यूडीएफ सदस्य अपनी सीटों से खड़े होकर नारे लगाते हुए अध्यक्ष के आसन तक पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जांच में गंभीर चूक कर रही है और जब तक उनकी चिंताओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे असहयोग का रुख अपनाएंगे। इस हंगामे से विधानसभा की कार्यवाही बाधित हुयी।
विवाद का केंद्र सबरीमला मंदिर से जुड़े स्वर्ण आभूषणों के कथित दुरुपयोग का मामला है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां "वास्तविक दोषियों" की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंदिर के तंत्री (मुख्य पुजारी) की गिरफ्तारी ठोस साक्ष्यों के बिना की गयी है।
यूडीएफ ने यह भी आरोप लगाया कि मामले के कुछ प्रमुख आरोपियों को जमानत मिल जाने से जांच की निष्पक्षता और प्रभावशीलता पर सवाल खड़े होते हैं। विपक्षी विधायकों ने सरकार से विस्तृत बयान देने और मंत्री स्तर पर नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उनका कहना था कि सरकार प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने की कोशिश कर रही है और मामले की पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राज्य के विधि मंत्री पी. राजीव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच पूरी तरह कानून के अनुसार आगे बढ़ रही है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि मामला केरल उच्च न्यायालय के विचाराधीन है और जांच में किसी प्रकार का हस्तक्षेप या ढील नहीं दी गई है। सरकार दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित