नोएडा , मई 01 -- समाजवादी पार्टी (सपा) की नोएडा महानगर इकाई ने नोएडा सेक्टर 19 स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के समक्ष आम जनता, मजदूर और गरीब वर्ग की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन किया। पार्टी पदाधिकारियों ने प्रशासन को नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो शहर की एक-तिहाई आबादी पलायन करने को मजबूर हो सकती है।प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे महानगर अध्यक्ष डॉक्टर आश्रय गुप्ता ने कहा कि नोएडा की बड़ी आबादी मेहनतकश मजदूरों की है, जो सीमित आय में अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक नहीं पहुंच रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब होती जा रही है।
प्रदेश सचिव सुनील चौधरी ने कहा कि मजदूर वर्ग महंगाई और असंगठित व्यवस्था के बीच संघर्ष कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण गरीबों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि और ड्रेस-किताबों के नाम पर अभिभावकों के आर्थिक शोषण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। सपा ने इस पर तत्काल रोक लगाये जाने की मांग की। सरकारी अस्पतालों में अनुभवी डॉक्टरों और आधुनिक सुविधाओं की कमी पर भी चिंता जताई गई। गंभीर मरीजों को अक्सर दिल्ली रेफर कर दिया जाता है, जिससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
प्रदर्शन के दौरान आम वर्ग द्वारा उपयोग किए जाने वाले 5 किलो के गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग में कथित धांधली का मुद्दा भी उठाया गया। आरोप है कि लोगों से मनमानी कीमत वसूली जा रही है।
सपा नेताओं ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण द्वारा सस्ती दरों पर जमीन पाने वाले निजी स्कूल और अस्पताल गरीबों को सस्ती शिक्षा और इलाज नहीं दे रहे हैं, जो आवंटन शर्तों का उल्लंघन है। ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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