भीलवाड़ा , फरवरी 22 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि सनातन संस्कृति भारत की आत्मा है।

श्री देवनानी ने रविवार को भीलवाड़ा प्रवास के दौरान हरिशेवा धाम में आयोजित एक भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति विश्व की प्राचीनतम धारा है, जिसने पूरी दुनिया को मानवता, कर्तव्य और नैतिकता का पाठ पढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी सैन्य शक्ति नहीं, बल्कि उसके संस्कार हैं जहाँ नारी का सम्मान, बच्चों को नैतिक शिक्षा और परिवारों में अटूट प्रेम की परंपरा हो, वही सच्चा भारत है। श्री देवनानी ने आध्यात्मिक कार्यक्रमों को जीवन की सार्थकता का आधार बताते हुए कहा कि इनसे न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि दैनिक जीवन के तनाव भी स्वतः समाप्त हो जाते हैं।

उन्होंने हाल के वर्षों में देश में आए सांस्कृतिक बदलाव का जिक्र करते हुए अयोध्या में निर्मित श्रीराम मंदिर को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह मंदिर केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की अटूट आस्था और सुदृढ़ होती सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि संतों के आशीर्वाद और त्याग से भारत जल्द ही विश्व का मार्गदर्शक राष्ट्र बनेगा।

कार्यक्रम के दौरान श्री देवनानी ने हरिशेवा धाम द्वारा संचालित सामाजिक सरोकारों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गौ सेवा, कन्या पूजन और निरंतर होने वाले यज्ञ-हवन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने व्यास पीठ के कथावाचक का पूजन करके आशीर्वाद लिया और मानव जीवन को परोपकार में लगाने का आह्वान किया।

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