एकतानगर गुजरात , दिसंबर 06 -- उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि अखंड भारत की मजबूत नींव रखने और रियासतों के एकीकरण के लिए लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने जो असाधारण भूमिका निभाई है उसके लिए भारत सदैव उनका ऋणी रहेगा।

श्री राधाकृष्णन ने शनिवार को यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में राष्ट्रीय एकता पदयात्रा के समापन समारोह पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि इस ऐतिहासिक यात्रा के समापन समारोह में हिस्सा लेना उनके लिए अत्यंत सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के नेतृत्व में 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण हुआ और अखंड भारत की जो मजबूत नींव उन्होंने रखी उसके लिए राष्ट्र लौह पुरुष का सदैव ऋणी रहेगा।

श्री राधाकृष्णन ने संविधान दिवस से शुरु पदयात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1,300 से अधिक पदयात्राओं में 14 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी सरदार पटेल द्वारा जलाई गई एकता की अमिट मिसाल को दर्शाती है।

इस पदयात्रा में 19,000 किलोमीटर की रथ यात्रा, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में नदियों को जोड़ने, आतंकवाद के उन्मूलन, समान नागरिक संहिता को लागू करने, अस्पृश्यता को समाप्त करने और मादक पदार्थों की रोकथाम जैसे मुद्दों पर की गई कई पदयात्राएं शामिल हैं। इन यात्राओं के अनुभवों को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये यात्राएं लोगों से जुड़ने और एकता एवं राष्ट्रीय उद्देश्य का संदेश फैलाने का सशक्त माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना की थी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में उनके सपने को साकार किया जा रहा है। उनका कहना था कि पदभार ग्रहण करने के बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पावन धरती की यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है।

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