सुकमा, फरवरी 16 -- त्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पदस्थ एक पुलिस आरक्षक की सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु के मामले में प्रशासन ने उनके परिजनों को बड़ी राहत प्रदान की है। 'पुलिस सैलरी पैकेज' योजना के तहत स्वर्गीय आरक्षक की पत्नी को एक करोड़ रुपए का बीमा दावा चेक वितरित किया गया है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार, डीएसएफ आरक्षक क्रमांक 2113 रामेश्वर नेगी, जो रक्षित केंद्र सुकमा में पदस्थ थे, की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। बताया गया कि 10 मई 2025 की रात लगभग 9:00 बजे वह पुलिस लाइन सुकमा से स्कूटी द्वारा अपने गृह निवास छिंदगढ़ जा रहे थे, तभी एक पिकअप वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी थी।

गंभीर रूप से घायल नेगी को परिजनों द्वारा तत्काल जिला अस्पताल सुकमा में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसी रात 11:00 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया था।

इस घटना के बाद पुलिस विभाग द्वारा स्व. नेगी के परिजनों से संपर्क कर दुर्घटना का प्रकरण तैयार किया गया। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना 'पुलिस सैलरी पैकेज' के तहत, जो भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से संचालित होती है, दुर्घटना या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में पुलिस कर्मियों के आश्रितों को एक करोड़ रुपए की बीमा राशि प्रदान करने का प्रावधान है। विभाग द्वारा प्रकरण बैंक के माध्यम से बीमा कंपनी को भेजा गया, जिसके बाद दावा स्वीकृत हो गया।

आज (16 फरवरी) को पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा और भारतीय स्टेट बैंक सुकमा के शाखा प्रबंधक प्रवीण झा द्वारा संयुक्त रूप से स्व. रामेश्वर नेगी की पत्नी श्रीमती सुनीता नेगी को एक करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया गया।

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