नयी दिल्ली , फरवरी 26 -- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए अस्पताल में भर्ती और सुनिश्चित उपचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 13 फरवरी को शुरु की गई पीएम राहत योजना के सुचारू कार्यान्वयन की तैयारियों के आकलन को लेकर गुरुवार को यहां उच्चस्तरीय बैठक हुई।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई इस हाईब्रिड समीक्षा बैठक में मंत्रालय में राज्य मंत्री अजय टमटा तथा हर्ष मल्होत्रा के अलावा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे।

आधिकारिक सूचना के अनुसार बैठक में दुर्घटना की स्थिति में आपातकालीन सामूहिक प्रतिक्रिया, पूरे सिस्टम की तैयारी, नामित अस्पताल नेटवर्क का विस्तार, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को प्रभावी और समय पर कैशलेस उपचार देने, शासन और शिकायत निवारण ढांचे सहित समग्र तैयारियों और उसके समन्वय की व्यापक समीक्षा की गई। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने तथा पीड़ितों को कैशलेश उपचार सुविधा देने को लेकर आयोजित इस बैठक में बताया गया कि देश में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या काफी अधिक है, जिनमें से कई लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से बचाया जा सकता है। बैठक में बताया गया है कि इस बारे में किए गये अध्ययनों से पता चलता है कि यदि पीड़ितों को पहले घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती कराया जाए तो लगभग 50 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को टाला जा सकता है।

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