बैतूल , फरवरी 7 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले की मुलताई तहसील के समीप पारड़सिंगा गांव में शनिवार को सड़क किनारे बड़ी मात्रा में मेडिकल वेस्ट मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। खुले में पड़े इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन, सिरिंज, दवाइयों की खाली शीशियां और पैकिंग सामग्री देखकर राहगीरों और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लोगों ने इसे गंभीर स्वास्थ्य खतरा बताते हुए तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी।

सूचना मिलते ही बीएमओ गजेंद्र मीणा के निर्देश पर सीएचओ सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। टीम ने मेडिकल कचरे की स्थिति का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का खुला उल्लंघन है, जिससे संक्रमण फैलने, पशुओं के घायल होने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

स्वास्थ्य विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि यह मेडिकल वेस्ट किसी सरकारी स्वास्थ्य संस्था से संबंधित है या किसी निजी अस्पताल, क्लिनिक अथवा लैब द्वारा नियमों की अनदेखी कर खुले में फेंका गया है। दोषियों की पहचान के लिए आसपास की स्वास्थ्य संस्थाओं के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।

बीएमओ गजेंद्र मीणा ने कहा कि मेडिकल वेस्ट को खुले स्थान पर फेंकना गंभीर अपराध है और इससे आमजन के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा उत्पन्न होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी भी संस्था या व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और नियमानुसार दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

घटना के बाद ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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