अमृतसर , जनवरी 22 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने गुरुवार को कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के आरोपी कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को जनकपुरी और विकासपुरी हत्याकांड में अदालत द्वारा बरी किया जाना, लगभग 41 वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे पीड़ित परिवारों के साथ घोर अन्याय है।

एडवोकेट धामी ने यहां जारी एक बयान में कहा कि अदालत के इस फैसले से लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे पीड़ित परिवारों को गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि नवंबर 1984 का सिख नरसंहार इतिहास में एक क्रूर कृत्य के रूप में दर्ज है, जब सरकार के इशारे पर सिखों को बेरहमी से निशाना बनाया गया था। उन्होंने कहा कि सिख संगठन और पीड़ित परिवार लगभग 41 वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इतने लंबे संघर्ष के बाद, अदालत का यह फैसला पीड़ितों के साथ-साथ पूरे देश को भी गहरा दुख पहुंचाएगा।

एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेता सज्जन कुमार दिल्ली सिख नरसंहार के स्पष्ट दोषी हैं और वे पहले से ही एक मामले में सजा काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिख नरसंहार के आरोपी सज्जन कुमार का इन मामलों में सजा से बच जाना दुखद और निराशाजनक है।

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