जयपुर , जनवरी 30 -- राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पत्रकारों का आह्वान किया है कि वे सामाजिक सरोकारों से जुड़ कर सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से समाज को नयी दिशा दिखाने और मार्गदर्शन देने का कार्य करें।

श्री देवनानी गुरुवार सायं जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में नेशनल मीडिया फाउंडेशन,नयी दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने एवं नयी पीढ़ी में देश भक्ति की भावना पैदा करने और हमारे देश की सनातन संस्कृति को उजागर करने का काम भी करे तभी भारत विश्व का सिरमोर बन सकेगा।

उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की अपनी भूमिका का सही अर्थों में पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 की कल्पना को साकार करने में सहभागी बनें। उन्होंने बताया कि आज भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने जा रहा है और भविष्य में भारत के दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने की भी उम्मीद है।

विधानसभाध्यक्ष ने कहा कि भारत ने कभी आक्रमण के जरिए दुनिया पर अपना दबदबा बनाना नहीं चाहा। हमारा महान देश किसी तरह विश्व की महाशक्ति भी बनना नहीं चाहता बल्कि, हम अपने सनातन मूल्यों के द्वारा पूरे विश्व के लिए एक महान मार्गदर्शक बनना चाहते है और दुनिया के महानायक बन कर विश्व में शान्ति, सद्भाव, प्रेम, विश्वास और अपनत्व की भावना विकसित करने में विश्वास रखते है। पूरी दुनिया हमारा अपना परिवार हैं तथा विश्व बंधुत्व और अहिंसा हमारा मूल मंत्र है, जिसके कारण हम पहले भी विश्व गुरु थे,आज भी है और आगे भी विश्व गुरु बने रहेंगे।

श्री देवनानी ने कहा कि आज विश्व की परिस्थितियों एक नाजुक मोड़ पर खड़ी है। ऐसे में पत्रकारों को सत्य को उजागर कर जन जागरण के कार्य में अपनी महती भूमिका को निभाना होगा। आज हमारे पड़ोसी देश बंगलादेश में हो रहे मानवाधिकारों के हनन की घटनाओं को लेकर कोई भी नहीं बोल रहा, ऐसे में भारतीय मीडिया को विश्व के सामने सही तस्वीर को उजागर करने के लिए आगे आना चाहिए। साथ ही अपनी गुरुत्तर जिम्मेदारियों को समझते हुए ऐसी कोई भी अतिरंजित खबरे देने से भी परहेज करना चाहिए जिससे भारत की सुरक्षा आवश्यकताओं को तनिक भी खतरा उत्पन्न हो जाये।

नेशनल मीडिया फाउंडेशन द्वारा पत्रकारों की विभिन्न सुविधाओं और पत्रकारों के लिए सुरक्षा कानून बनाने संबंधी मांग पर टिप्पणी करते हुए श्री देवनानी ने कहा कि सबसे पहले तो आप सभी को ही एकजुट होने की जरूरत है तथा सही राजनीतिक दृष्टिकोण रखते हुए अपने आसक्त होने और अनासक्ति के बारेमें मनन और विवेचना करनी चाहिए।

श्री देवनानी ने कहा कि आज मीडिया में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के कई स्वरूप हो गये है, लेकिन आज भी प्रिंट मीडिया का महत्व कम नहीं हुआ है। ऐसे में पत्रकारों को अपने उत्तरदायित्वों को पूरी निष्पक्षता और ईमानदारी से पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन और आपातकाल में पत्रकारों की भूमिका अहम रही थी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित