मुंबई , अप्रैल 27 -- महाराष्ट्र सरकार ने 2027 के पद्म पुरस्कारों के लिए विशिष्ट व्यक्तियों के नामों की सिफारिश करने वाली सात सदस्यीय समिति से वर्तमान संस्कृति मंत्री आशीष शेलार को निकाल दिया है।

उल्लेखनीय है कि संस्कृति मंत्री इस समिति के अध्यक्ष या प्रमुख सदस्य होते हैं।

समिति को हालांकि विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता की पहचान करने का काम सौंपा गया है लेकिन संस्कृति मंत्री आशीष शेलार को इससे बाहर रखे जाने से राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है और इसे राज्य में आंतरिक राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि मुंबई के एक प्रमुख भाजपा नेता श्री शेलार के बारे में व्यापक रूप से यह उम्मीद की जा रही थी कि वे इस समिति का हिस्सा होंगे क्योंकि मराठी और हिंदी फिल्म उद्योगों में उनकी गहरी पैठ है। श्री शेलार को निकालने के इस कदम से कैबिनेट के आंतरिक समीकरणों के बारे में अफवाहें फैल गई हैं और यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह निर्णय पूरी तरह से प्रशासनिक था या फिर रणनीतिक राजनीतिक बदलावों से प्रेरित था।

इस समिति की अध्यक्षता प्रोटोकॉल मंत्री जयकुमार रावल कर रहे हैं। समिति के अन्य छह सदस्यों में हसन मुश्रीफ (चिकित्सा शिक्षा मंत्री), दादाजी भुसे (स्कूल शिक्षा मंत्री), उदय सामंत (उद्योग और मराठी भाषा मंत्री), पंकजा मुंडे (पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री), अदिति तटकरे (महिला एवं बाल विकास मंत्री) और शिवेंद्रसिंह भोसले (सार्वजनिक निर्माण मंत्री) शामिल हैं।

ऐतिहासिक रूप से संस्कृति मंत्री ने समिति के अध्यक्ष के रूप में या एक प्राथमिक सदस्य के रूप में इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सांस्कृतिक मामलों के विभाग के पास कला, साहित्य, खेल और सिनेमा के क्षेत्रों में व्यक्तियों के प्राथमिक रिकॉर्ड और प्रदर्शन समीक्षाएं होती हैं।

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