नयी दिल्ली , अप्रैल 02 -- समाजवादी पार्टी (सपा) के राम प्रसाद चौधरी ने गुरुवार को लोक सभा में बेरोजगारी की समस्या की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए युवाओं को संविदा के बजाय स्थायी नौकरियां प्रदान करने की मांग की।
श्री चौधरी ने शून्य काल में यह मामला उठाते हुए कहा कि रेलवे, विद्युत और अन्य विभागों में सारे कर्मचारी संविदा पर रखे जाते हैं और उन्हें मामूली वेतन दिया जाता है। सात-आठ साल की सेवा के बाद उन्हें नौकरियों से निकाल दिया जाता है। ऐसे युवाओं की नौकरियों के लिए आयु भी तब तक समाप्त हो जाती है।ऐसी स्थिति में उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। उन्होंने सरकार से युवाओं को स्थायी नौकरियां देने की मांग की।
सपा के ही लक्ष्मी कांत निषाद ने मल्लाह, निषाद और मछुआरों सहित ऐसी 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सपा सरकार काफी दिनों पहले इन जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की अनुशंसा केन्द्र सरकार से कर चुकी है। उन्होंने निषाद जाति को मछुआ जाति का प्रमाण पत्र दिलाने की भी सरकार से मांग की।
सपा की रचि वीरा ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद क्षेत्र में गुलदार और तेंदुआ के हमलों से ग्रामीणों के मारे जाने का मामला उठाया और इस समस्या के निदान के लिए प्रभावी कदम उठाने की सरकार से मांग की।
सपा के ही राजीव राय ने गंभीर बीमारियों से ग्रस्त गरीबों के उपचार की समुचित व्यवस्था करने की सरकार से मांग की। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड उन्हीं लोगों का बन सकता है, जिनके परिवार में कम से कम छह लोग हैं। आज हालत यह है कि बहुत से गरीबों के न तो आयुष्मान कार्ड बन पा रहे हैं और जिन गरीबों के आयुष्मान कार्ड बने भी हैं, वे पांच लाख रुपये से अधिक खर्च वाला इलाज आयुष्मान कार्ड से नहीं करा पाते। उन्होंने सरकार से सभी गरीबों का उपचार सरकारी खर्च पर कराने की सरकार से मांग की।
सपा के राम शिरोमणि वर्मा ने कहा कि प्रत्येक चुनाव के लिए अलग-अलग मतदाता सूची बनती हैं, जिससे कई तरह की विसंगतियां उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने लोक सभा, विधानसभा और ग्राम पंचायत चुनावों के चुनावों के लिए एक ही मतदाता सूची बनवाने की मांग की। उन्होंने मतदाता पहचान पत्र आधार कार्ड से जोड़े जाने मांग की।
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