देहरादून , फरवरी 12 -- केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर गुरुवार को सीटू, एटक, इंटक से जुड़ी यूनियनों, बस्ती बचाओ आंदोलन के लोगों ने मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ देहरादून के गांधीपार्क से रैली निकाल कर प्रदर्शन किया।

रैली राजपुर रोड, घंटाघर, एश्ले हॉल से होते हुए सुभाष रोड स्थित सचिवालय के समीप जैसे ही पहुंची, वहां पहले से ही मौजूद पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों की रैली को बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।

इसके पश्चात सभी आंदोलनकारी वही सड़क पर बैठ गये और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जम कर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन में शामिल हुए भाकपा माले के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने वहां मौजूद पत्रकारों से कहा कि कोरोना काल में मोदी सरकार ने सांसदों को निलंबित कर 44 श्रम कानून के स्थान पर मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताये बनाई, जो पूर्ण रूप से पूंजीपतियों के लाभ के लिए और मजदूरों को गुलाम बनाने कि ओर धकेलती है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जहां एक तरफ मजदूरों पर हमले जारी किए हुए हैं ,वहीं किसानों पर भी हमले कर रही है अमेरिका के साथ ट्रेड डील में भारत के किसानो को बर्बाद कर देगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में गरीबों को उजाड़ने, बढ़ते अपराधों के खिलाफ तमाम राजनीतिक पार्टियों, ट्रेड यूनियनों आज सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

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