झुंझुनू , मार्च 13 -- राजस्थान में जयपुर के संभागीय आयुक्त पूनम ने शुक्रवार को झुंझुनू में विशेष योग्यजन बच्चों के लिए संचालित 'आशा के झरने' का निरीक्षण किया।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस दौरान पूनम ने मूक-बधिर, दिव्यांग और बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं और उनके शैक्षणिक स्तर के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने केंद्र में दिव्यांग बच्चों के लिए उपलब्ध खेल-कूद, शिक्षा एवं भविष्य में रोजगार से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। बच्चों को दी जा रही फिजियोथेरेपी सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली और उपचार से संबंधित व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। पूनम ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि दिव्यांग बच्चों के लिए चिकित्सा सहायता और नियमित स्वास्थ्य जांच की अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायें। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किये जायें। साथ ही बड़े बच्चों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस व्यवस्था करने के उन्होंने निर्देश दिये।

जिला कलेक्टर डॉ अरुण गर्ग ने बताया कि यहां के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच में और अधिक सुधार करने की आवश्यकता है, इसके लिए बीडीके अस्पताल के सहयोग से शिविर के माध्यम से इनके स्वास्थ्य की जांच की जायेगी।

इस अवसर पर झुंझुनूं की उपखंड अधिकारी कौशल्या बिश्नोई, समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन पूनिया सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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