पटना , दिसंबर 30 -- पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत संपत्ति कर एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शुल्क की वसूली के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
01 अप्रैल 2025 से 29 दिसंबर 2025 तक नगर निगम क्षेत्र के सभी सर्किलों में कर संग्रह सशक्त, पारदर्शी एवं प्रभावी रहा है।वित्तीय वर्ष 2025 में 01 अप्रैल 2025 से 29 दिसंबर 2025 की अवधि के दौरान पटना नगर निगम के अंतर्गत आने वाले अजीमाबाद, बांकीपुर, कंकड़बाग, नूतनराजधानी , पाटलिपुत्र एवं पटना सिटी अंचल से संपत्ति कर एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शुल्क के अंतर्गत 63.15 करोड़ से अधिक का राजस्व संग्रह किया गया है, जो निगम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पी-टैक्स पोर्टल के अनुसार इस अवधि में ऑफलाइन माध्यम से लगभग 29.43 करोड़ एवं ऑनलाइन माध्यम से लगभग 33.88 करोड़ का कर संग्रहण दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि ऑनलाइन संग्रह को लेकर नागरिकों के बीच डिजिटल भुगतान के प्रति बढ़ते विश्वास एवं जागरूकता को दर्शाता है।संपत्ति कर के अंतर्गत इस अवधि में कुल 1,77,503 होल्डिंग्स से कर भुगतान प्राप्त हुआ, जिनमें से 1,04,847 होल्डिंग्स द्वारा ऑनलाइन भुगतान किया गया यह नगर निगम द्वारा अपनाई गई डिजिटल कर प्रणाली की सफलता को प्रमाणित करता है।
अंचल-वार पाटलिपुत्र, नूतनराजधानी एवं बांकीपुर सर्किलों में कर संग्रह विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जबकि अन्य सर्किलों में भी निरंतर एवं संतोषजनक वृद्धि दर्ज की गई है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शुल्क के अंतर्गत भी सभी अंचलों में अपेक्षानुरूप राजस्व संग्रह हुआ है।इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2025 के दौरान 09 दिसंबर 2025 से 29 दिसंबर 2025 की अवधि में संपत्ति कर के लंबित बकाया के निपटारे के लिये लागू वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना के अंतर्गत भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। ओटीएस योजना के माध्यम से 5.92 करोड़ से अधिक राजस्व संग्रह किया गया। इस योजना के अंतर्गत कुल 16,220 होल्डिंग्स से कर भुगतान प्राप्त हुआ, जिनमें से 9,267 होल्डिंग्स द्वारा ऑनलाइन भुगतान किया गया। ओटीएस स्कीम के तहत 31.89 करोड़ का संग्रह ऑफलाइन माध्यम से,जबकि 27.45 करोड़ का संग्रह ऑनलाइन माध्यम से किया गया है।
ओटीएस योजना ने न केवल लंबित बकाया मामलों के निपटारे में सहायता की है, बल्कि निगम के वित्तीय संसाधनों को भी सुदृढ़ किया है।
उल्लेखनीय है कि लागू की गई ओटीएस योजना 31 मार्च ,2026 तक प्रभावी रहेगी, जिसमे सम्पत्ति धारक अपने सम्पत्ति कर का एकमुश्त भुगतान कर व्याज एवं पेनाल्टी से मुक्त हो सकते हैं ।
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