कोलकाता , मार्च 29 -- तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने संदेशखाली प्रकरण को "पूर्व नियोजित साजिश" करार देते हुए बिना नाम लिए भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए।
रविवार को संदेशखाली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए श्री बनर्जी ने कहा कि वहां की महिलाओं से जबरन खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाए गए, जिन्हें बाद में दुष्कर्म के आरोपों में बदल दिया गया। उन्होंने दावा किया कि एक स्टिंग ऑपरेशन ने पूरे मामले की सच्चाई उजागर कर दी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता गंगाधर कोयल के बयान इस बात का प्रमाण हैं कि पूरा मामला "रचा गया षड्यंत्र" था और झूठे आरोपों के जरिए "मां-बहनों को बदनाम" किया गया।
गौरतलब है कि इस प्रकरण में पहले स्थानीय लोगों द्वारा जमीन कब्जाने, जबरन वसूली और महिलाओं के उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों में तृणमूल नेताओं जैसे शेख शाहजहां, उत्तम सरदार और शिबू हाजरा के नाम सामने आए थे, जिन्हें बाद में जेल भी जाना पड़ा। यह मामला 2024 लोकसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ दल के लिए बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया था।
उत्तर 24 परगना जिले का यह इलाका एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि श्री बनर्जी ने भाजपा पर क्षेत्र को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े सभी मामलों की जांच की गई और 100 से अधिक परिवारों को उनकी जमीन वापस दिलाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े सभी मामलों की जांच की गई और 100 से अधिक परिवारों को उनकी जमीन वापस दिलाई जा चुकी है।
इसके विपरीत, उन्होंने तृणमूल उम्मीदवार को "मिट्टी की बेटी" बताते हुए कम से कम 50,000 वोटों से जीत का लक्ष्य रखा।
केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए श्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि आवास, जल जीवन मिशन और शिक्षा जैसी योजनाओं के लिए धन रोका जा रहा है। इसके बावजूद उन्होंने तृणमूल की "पांच गारंटियों" -लक्ष्मी भंडार के तहत आजीवन वित्तीय सहायता, हर घर में पेयजल, घर-घर स्वास्थ्य शिविर, वृद्धावस्था पेंशन और सभी के लिए पक्का मकान-को लागू करने का भरोसा जताया।
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