संतकबीरनगर , मार्च 28 -- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में विदेशी फंडिंग और कथित पाकिस्तानी कनेक्शन के आरोपों में फंसे ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान से जुड़े मदरसा प्रबंधन और परिजनों के 94.23 लाख रुपये के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। इस कार्रवाई के खिलाफ संबंधित पक्ष ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दुधारा थाना क्षेत्र के देवरिया लाल गांव निवासी मौलाना शमशुल हुदा खान के खिलाफ कोतवाली खलीलाबाद में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद विवेचक ने मौलाना के परिजनों और मदरसा प्रबंधन से जुड़े कुल 18 बैंक खातों के लेन-देन पर रोक लगा दी।
जिला प्रशासन के विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि खातों के फ्रीज होने के बाद मौलाना के परिजनों और मदरसा प्रबंधन ने हाईकोर्ट का रुख किया है। याचिका में 21 लोगों और आधा दर्जन से अधिक बैंकों को प्रतिवादी बनाया गया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार यूपी एटीएस की पड़ताल में मौलाना के विदेशी फंडिंग, इस्लामिक गतिविधियों के प्रचार-प्रसार और पाकिस्तान, अफ्रीका व ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों की यात्राओं के प्रमाण मिले हैं। साथ ही जम्मू-कश्मीर के कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से संपर्क होने की बात भी सामने आई है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्रा की रिपोर्ट पर 2 नवंबर 2025 को मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में मौलाना के बेटे, पत्नी और बहू के नाम पर संचालित 18 बैंक खातों में कुल 94.23 लाख रुपये जमा पाए गए, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया।
बताया गया कि कुल्लियातुल बनातिर रजविया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी, रजा फाउंडेशन समेत अन्य संस्थाओं और व्यक्तियों के नाम पर विभिन्न बैंकों में सात एनआरआई/एनआरओ खाते भी संचालित हैं, जिनमें विदेशी धनराशि आने की बात कही जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी एटीएस के अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी जांच में जुटी हैं। ईडी ने फरवरी में मौलाना के आवास पर पहुंचकर दस्तावेज एकत्र किए, जबकि एनआईए ने कई सरकारी विभागों से संबंधित अभिलेख अपने कब्जे में लिए हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और हाईकोर्ट में दायर याचिका पर आने वाले समय में सुनवाई के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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