पटना , दिसंबर 05 -- बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह ने शुक्रवार को मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र अंतर्गत कुल 54 लोक स्वास्थ्य अनुमंडलओं में विभाग की ओर से संचालित जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा की एवं अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।
इस दौरान विभागीय सचिव, पंकज कुमार पाल, विशेष सचिव संजीव कुमार, अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव, नित्यानंद प्रसाद एवं मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र के क्षेत्रीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में सर्वप्रथम विभागीय सचिव की ओर से मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र अंतर्गत योजनाओं की जानकारी देते हुए मंत्री को अवगत कराया गया कि उक्त क्षेत्र में कुल 51,699 जलापूर्ति योजनाएं कार्यरत है। साथ ही टेंडर के बाद इस क्षेत्र में पीएचईडी वार्डों के छूटे हुए टोलों की सभी योजनाओं का कार्य अब प्रगति पर है।
मंत्री ने पंचायती राज विभाग से हस्तांतरित योजनाओं के छूटे हुए टोलों से संबंधित टेंडरों को भी शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया जिससे क्षेत्र में "हर घर नल का जल" का पूर्ण आच्छादन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के क्रम में विशेष सचिव ने केंद्रीय शिकायत निवारण कक्ष पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की स्थिति प्रस्तुत की। उन्होने बताया कि मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र अंतर्गत प्राप्त कुल 20,451 शिकायतों में से 19,278 का निष्पादन किया जा चुका है। इस पर मंत्री ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जलापूर्ति से संबंधित किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही को गंभीर कदाचार माना जाएगा और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि "संवेदकों द्वारा जरा-सी भी लापरवाही सामने आए तो तुरंत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डिबार करें या ब्लैकलिस्ट करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना विभाग का संकल्प है, इसमें किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार्य नहीं होगी।"बैठक के दौरान विभाग द्वारा विकसित नई रैंकिंग प्रणाली की जानकारी भी प्रस्तुत की गई, जिसके आधार पर कार्यपालक अभियंताओं, सहायक अभियंताओं और कनीय अभियंताओं के कार्य निष्पादन का नियमित मूल्यांकन किया जाता है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि लगातार निचली रैंकिंग में आने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई अविलंब सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी लंबित कार्यों में तेजी लाने और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित