नयी दिल्ली , दिसंबर 03 -- कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को राज्यसभा में 'संचार साथी' ऐप का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे देश के सभी सेलफोन और स्मार्टफोन यूजर की निजता का उल्लंघन होगा और सरकार उससे इत्तेफाक न रखने वालों के फोन को जब चाहे तब एक डिब्बे में बदल सकती है।

राजस्थान से सांसद श्री सुरजेवाला ने शून्य काल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि संचार मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि सभी सेलफोन विनिर्माताओं और आयातकों के लिए 'संचार साथी' ऐप इंस्टाल करना अनिवार्य होगा। साथ ही यह भी आदेश दिया गया है कि यह ऐप पहले से इस्तेमाल हो रहे सभी सेलफोन और स्मार्टफोन में इंस्टाल करना जरूरी होगा। तीसरी बात यह कही गयी है कि इसे यूजर कभी न तो डिलीट कर सकता है, न इसमें कोई बदलाव कर सकता है। उन्होंने कहा, "यह देश के सभी सेलफोन और स्मार्टफोन यूजर की निजता का उल्लंघन है।"कांग्रेस नेता ने कहा कि स्पष्ट रूप से आशंका है कि ऐप के फीचर सभी यूजर का वास्तविक समय में जिओ-लोकेशन बतायेंगे, उसकी सर्च हिस्ट्री, क्रेडिट कार्ड सहित हर ट्रांजेक्शन और वित्तीय लेनदेन की निगरानी की जायेगी। साथ ही यूजर की बातचीत, एसएमएस और व्हाट्सऐप की भी निगरानी संभव होगी।

श्री सुरजेवाला ने सवाल किया, "क्या यह हर व्यक्ति की निजता का उल्लंघन नहीं होगा? इसमें एक किल स्विच डालना भी संभव होगा जिससे सरकार जब चाहेगी सभी पत्रकारों, विपक्ष के नेताओं और सरकार से इत्तेफाक न रखने वालों के सेलफोन को एक डिब्बे में बदल सकेगी।"उन्होंने कहा कि हर ऐप को हैक करने का भी खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में यूजर के पासवर्ड, बैंक खातों की जानकारी, निजी जानकारी सब कुछ हैकर के हाथ लग सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिये कि इस ऐप का दुरुपयोग रोकने के लिए उसने क्या कदम उठाये हैं, इसकी सेफ्टी ऑडिट के क्या प्रावधान हैं।

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