नयी दिल्ली , मार्च 14 -- प्रसिद्ध गायक सुजीत ओझा, स्वाति मिश्रा और सवाई भट्ट ने शनिवार को यहां संगीत उत्सव 2026 के दूसरे दिन अपनी मधुर आवाज से दिल्लीवासियों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।

कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग के अंतर्गत साहित्य कला परिषद द्वारा आयोजित इस उत्सव के पहले दिन जहां पद्मश्री अनुराधा पौडवाल, पद्मश्री भैरव सिंह चौहान और अग्निहोत्री बंधु की शानदार प्रस्तुतियों ने श्रोताओं झुमाया। वहीं दूसरे दिन सुजीत ओझा, स्वाति मिश्रा और सवाई भट्ट ने अपनी गायकी से लोगों को दिल जीत दिया। इन तीनों गायकों मिलकर एक ऐसा संगीतमय और आध्यात्मिक वातावरण रचा कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध गायक सुजीत ओझा की प्रस्तुति से हुई। शास्त्रीय और अर्धशास्त्रीय भक्ति संगीत पर उनकी गहरी पकड़ और भावपूर्ण गायन शैली ने पहली ही रचना से श्रोताओं का मन मोह लिया। उन्होंने आदि शंकराचार्य के कालजयी "शिव पंचाक्षर स्तोत्र" से शुरुआत की और फिर तुलसीदास की भावपूर्ण रचना "शोक उदधि जग माहिं" तथा हनुमान प्रसाद पोद्दार की "बंधु गुरु" प्रस्तुत की। इसके बाद संत कवियों की रचनाओं में उन्होंने मीराबाई का "मीरा मने चाकर राखोजी" और अंत में कबीर का दार्शनिक भजन हमका ओढ़ावे चदरिया" प्रस्तुत किया। उनकी प्रत्येक प्रस्तुति में भाव और संगीत का सुंदर संतुलन देखने को मिला।

इसके बाद लोकप्रिय गायिका स्वाति मिश्रा ने मंच संभाला। उनकी मधुर और भावपूर्ण आवाज़ ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उन्होंने "राम आएंगे" से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की, जिसकी भावनात्मक गूंज श्रोताओं के दिलों तक पहुंची। इसके बाद "जय गणेश देवा" ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। "सुनो कृष्ण प्यारे" के दौरान वातावरण में एक ध्यानमय शांति छा गई, जबकि "मेरा आपकी कृपा से" के दौरान कई दर्शक आंखें बंद कर भक्ति में डूबकर साथ गुनगुनाते नजर आए।

संध्या का समापन युवा और प्रतिभाशाली गायक सवाई भट्ट की दमदार प्रस्तुति के साथ हुआ। राजस्थान की लोक और भक्ति परंपरा से जुड़े उनके गायन ने कार्यक्रम को भावनात्मक ऊंचाई तक पहुंचा दिया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत "श्री राम जानकी" से की, जिसके बाद "राम चंद के गए सिया से" ने पूरे माहौल को राम भक्ति से सराबोर कर दिया। इसके बाद देवी भक्ति से भरपूर "तूने मुझे बुलाया शेरों वालिए" की प्रस्तुति ने दर्शकों में नई ऊर्जा भर दी। आगे बढ़ते हुए उन्होंने लोकप्रिय भजन "राम आयेंगे" भी प्रस्तुत किया, जिसे श्रोताओं ने पूरे उत्साह के साथ गुनगुनाया। कृष्ण भक्ति के रंग में रंगते हुए "सवाली सूरत पे मोहन" और "राधा गोरी गोरी" की प्रस्तुति ने माहौल को और भी मधुर बना दिया। कार्यक्रम के अंत में "तीन बाण के धारी" की प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों को भक्ति और उत्साह के भाव से भर दिया।

भक्ति संगीत उत्सव 2026 का समापन 15 मार्च को होगा। अंतिम दिन अंशु थपलियाल, धनंजय हेगड़े और नितिन कुमार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। सेंट्रल पार्क, कनॉट प्लेस में आयोजित यह कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 6:30 बजे से शुरू होता है और आम जनता के लिए खुला है।

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