हनुमानगढ़ , अप्रैल 04 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के संगरिया क्षेत्र में शुक्रवार रात पर्यावरण प्रेमियों की जागरूकता के चलते वर्षों पुराना वर्षों पुराना खेजड़ी का पेड़ अवैध कटाई से बच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोर्ट रोड की मुख्य सड़क पर स्थित इस खेजड़ी के पेड़ को कुछ लोग पिछले कई दिनों से काटने की कोशिश कर रहे थे। दिन में टैक्सी स्टैंड से जुड़े लोगों की मौजूदगी के कारण वे सफल नहीं हो पा रहे थे। रात करीब आठ बजे दुकानें बंद होने के बाद उन्होंने मौका देखा और कटाई शुरू कर दी।
इसी दौरान पास ही रहने वाली कल्पना बिश्नोई ने पेड़ पर कुल्हाड़ी चलने की आवाज सुनी तो बाहर निकलकर देखा। शिवबाड़ी का एक कर्मचारी सीढ़ी लगाकर खेजड़ी के तने पर आरी चला रहा था। कल्पना बिश्नोई ने उसे जोर से ललकारा तो कुछ और लोग भी मौके पर आ गए। खुद को घिरता देख कर्मचारी भागकर पड़ोस के परिसर में जा छिपा।कुछ ही देर में और लोग भी जुट गए।
मौके पर मौजूद प्रधान ने सफाई दी कि किसी न्यायाधीश के दौरे के कारण बार संघ से आदेश आया था, इसलिए पेड काटा जा रहा था। हालांकि यह तर्क किसी के गले नहीं उतरा। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। इसके बाद एडवोकेट संजय आर्य ने अपने साथियों के साथ थाने में नामजद प्रार्थना पत्र देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उधर आज सुबह खेजड़ी काटने के प्रयास की खबर फैलते ही बिश्नोई समाज सहित सर्वसमाज के लोग मौके पर एकत्र हो गए और कड़ा आक्रोश जताया। लोगों का कहना था कि खेजड़ी केवल राज्य वृक्ष नहीं, बल्कि उनकी आस्था, संस्कृति और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रतीक है। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मुख्य लोगों को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सभी लोग उपखंड कार्यालय पहुंचे।
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